बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में नौ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई है। मंत्री स्तर से इन मामलों में कानूनी कार्रवाई, आरोप पत्र, पेंशन कटौती और अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

तत्कालीन अंचल अधिकारी दरभंगा सदर और सेवानिवृत्त अरुण कुमार सक्सेना पर गैरमजरुआ खास भूमि का दाखिल-खारिज कर रैयती जमाबंदी कायम करने का आरोप है। उनके मामले में कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।

मणि कुमार वर्मा, तत्कालीन अंचल अधिकारी बनकटवा, पूर्वी चंपारण, पर राजस्व कर्मचारी के अधिकृत डिजिटल लॉगिन डोंगल का अनधिकृत उपयोग कर दाखिल-खारिज वादों का निष्पादन करने का आरोप है। उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है।

बेलछी के तत्कालीन अंचल अधिकारी पियुष मिश्रा के खिलाफ अंचल कार्यालय के खाते से निकासी की गई राशि के मामले में सवाल उठने पर आरोप पत्र गठित किया गया है।

सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी अमोद कुमार के खिलाफ दो मामलों में कार्रवाई हुई है। एक मामले में पांच वर्षों के लिए 10 प्रतिशत पेंशन कटौती और दूसरे मामले में पांच वर्षों के लिए 15 प्रतिशत पेंशन कटौती का दंड दिया गया है।

कदवा, कटिहार के तत्कालीन राजस्व अधिकारी-सह-प्रभारी अंचल अधिकारी मयंक आशुतोष आनन्द के खिलाफ अर्जनाधीन भूमि के सत्यापन प्रतिवेदन में विसंगति मिलने पर अनुशासनिक कार्यवाही का आदेश दिया गया है।

फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने में फर्जीवाड़े का आरोप है। उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया।

कुर्साकांटा के अंचल अधिकारी आलोक कुमार पर निरीक्षण संबंधी ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं करने के मामले में अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। वहीं निलंबित विजय कुमार सिंह के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 07/2026 में अभियोजन स्वीकृति प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।

बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट