मोकामा के विधायक अनंत सिंह की प्रयागराज यात्रा के दौरान शुक्रवार को वाराणसी में उस समय नया घटनाक्रम सामने आया, जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके काफिले को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। अनंत सिंह बीएचयू परिसर में महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना चाहते थे, लेकिन पुलिस से इसकी अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, पटना से प्रयागराज जा रहे अनंत सिंह का काफिला वाराणसी पहुंचने पर हरसेवानंद स्कूल के पास रोक दिया गया। रामनगर और लंका थाने की पुलिस ने उन्हें बताया कि इतने बड़े काफिले के साथ शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मुख्य मार्ग से प्रयागराज जाने की सलाह दी।कुछ देर बातचीत और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद अनंत सिंह वाराणसी शहर में प्रवेश किए बिना ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। इस दौरान लंका चौराहे पर उनके स्वागत के लिए समर्थक इंतजार करते रह गए। डाफी के पास हाईवे पर कुछ समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

दरअसल, अनंत सिंह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के बेटे की शादी के वलीमा में शामिल होने प्रयागराज जा रहे थे. पटना से रवाना होने के बाद रास्ते में बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया और चंदौली समेत कई जगहों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। आरा में जेसीबी से फूल बरसाए गए, जबकि बक्सर में उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया। जगह-जगह स्वागत कार्यक्रमों के कारण उनका काफिला निर्धारित समय से करीब तीन घंटे देरी से आगे बढ़ा।गौरतलब है कि जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। वहीं, विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग पर स्पीकर ने उनसे जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत निलंबित करते हुए चार दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट