रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में जेएसएससी के द्वारा 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. नियुक्ति प्रक्रिया में बीआरपी-सीआरपी को 50 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिये जाने को लेकर याचिका दायर की गई थी. इसी याचिका को लेकर आज उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई.


आज झारखंड उच्च न्यायालय में राज्य में 26000 शिक्षकों की नियुक्ति मामले में सुनवाई हुई. नियुक्ति प्रक्रिया में बीआरपी-सीआरपी को 50 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिये जाने को लेकर याचिका दायर हुई थी. अदालत ने जेएसएससी को प्रतिवादी बनाया है. साथ ही नोटिस भी जारी किया है. इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार, झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को 4 सप्ताह में जवाब देने को कहा है.


आज झारखंड हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अदालत में मामले पर सुनवाई हुई. सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए जेएसएससी ने विज्ञापन जारी किया है. इस नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने एक नयी नियमावली बनाई है. इसे सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली 2023 कहते हैं. इस संशोधित नियमावली में अब केवल पारा शिक्षकों को ही सहायक आचार्य नियुक्ति में 50 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है. इस दायरे में वो कर्मचारी नहीं आते हैं जो संविदा पर शिक्षा विभाग में काम कर रहे हैं. दायर याचिका के मुताबिक जब सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली 2022 लागू हुई तब केवल पारा टीचरों को आरक्षण न देकर इस दायरे में वैसे सभी कर्मी आते थे जो शिक्षा विभाग में संविदा पर काम कर रहे थे. इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया गया है.

राज्य के 26001 सहायक आचार्य पद के लिए अभ्यर्थी 16 अगस्त से 15 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता था. जेएसएससी द्वारा सूचना के मुताबिक 17 सितंबर तक इसके परीक्षा शुल्क जमा होते. 19 सितंबर तक फोटो व हस्ता क्षर अपलोड किये जाने को कहा गया है. ऑनलाइन आवेदन पत्र में संशोधन की प्रक्रिया 21 सितंबर से 23 सितंबर की मध्य रात तक होगी . अब रोक लगा देने के बाद से झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का इंतजार करना होगा. तब तक के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक रहेगी.