PATNA:-बिहार में वायरल फीवर का असर बढता ही जा रहा है।राजधानी पटना से लेकर मुजफ्फरपुर,सीवान एवं गोपालगंज समेत कई जिलों में वायरल फीवर मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।राजधानी समेत कई जिलों के अस्पतालो में बेड नहीं मिल रहें हैं।वहीं बीमारी की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थय विभाग ने सूबे के सभी मेडिकल कॉलेज के साथ ही सिविल सर्जन को अलर्ट किया है।
तेज बुखार के साथ सर्दी खांसी कर रही है परेशान
इन दिनों मौसम लगातार करवटे ले रहा है।कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक से बारिश हो जाने से लोग बीमार पड़ जा रहें हैं।इस वायरल फीवर का असर सबसे ज्यादा छोटे छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है।एक महीना के नवजात से लेकर 8-10 साल तक के बच्चे अस्पातालों में इलाज के लिए आ रहें हैं।
अस्पतालों में कम पड़ जा रहें हैं बेड
वायरल फीवर के बढते असर की वजह से सरकारी और निजी अस्पतालों नें मरीजों की भीड़ लग रही है।पटना के पीएमसीएच एवं एनएमसीएच के साथ ही मुजफ्परपुर के एसकेएमसीएच में निर्धारित बेड से संख्या से ज्यादा में मरीजों को भर्ती कर लिया गया है।इस वजह से एक बेड पर दो-दो बीमार बच्चे का इलाज हो रहा है।बच्चों के लिए अलग से बनाये गये पीकू और नीकू पूरी तरह से हाउसफूल हो गयें हैं और सामान्य बेड पर इन्हें भर्ती किया जा रहा है।
आईवीआईजी इंजेक्शन की कमी से परेशान है अस्पताल
वायरल फीवर में आईवीआईजी इंजेक्शन काफी कारगार होता है पर राज्य के सबसे बड़े पीएमसीएच समेत कई अस्पतालों में यह इंजेक्शन खत्म हो गया है।यह इंजेक्शन काफी महंगा आता है..इसलिए सामान्य मरीज के परिजन इसे खुले बाजार से खरीदने में असमर्थ हैं।पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आईएस ठाकुर ने कहा कि वायरल फीवर से मरीजों की संख्या में काफी बढोतरी देखने को मिल रही है।ऐसे मरीजों के लिए आईवीआईजी इंजेक्शन काफी कारगर होता है।इस इंजेक्शन का इस्तेमाल वायरल फीवर क साथ ही निमोनिया,ब्रोंकाइटिस एवं फेफड़े में संक्रमण समेत कई अन्य बीमारियों के लिए होता है,पर ज्यादा मरीज के आ जाने की वजह से उनके अस्पताल में इस इंजेक्शन की कमी पड़ गयी है।उन्हौने तत्काल ही बीएमएसआईसीएल को पत्र लिखकर डिमांड किया है।
वहीं इस मुद्दे पर बीएमएसआईसीएल के अधिकारी सुधीर कुमार ने भी स्वीकार किया कि पीएमसीएच समेत कई अन्य अस्पतालों से इस इंजेक्शन की डिमांड हो रही है।सुधीर कुमार की मानें तो यह इंजेक्शन स्टॉक मे था पर किसी भी अस्पताल से डिमांड नहीं होने की वजह से करीब 2 महीना पहले 2 हजार से ज्यादा वॉयल एक्सपाइर हो गया था।इसलिए नया वॉयल नहीं मंगाया जा रहा था।अस्पतालों द्वारा इस इंजेक्शन की मांग किये जाने के बाद सफ्लाई करने वाली कंपनी को आर्डर दिया गया है और जल्द ही सभी अस्पतालों को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
सूबे का स्वास्थय विभाग हुआ अलर्ट
वायरल फीवर की मिल रही शिकायत के बाद राज्य का स्वास्थय विभाग अलर्ट हो गया है।राज्य स्वास्थय समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के वायरल बुखार सर्दी खांसी एवं न्यूमोनिया से संबंधित कई मामले अस्पतालों में आ रहें हैं।इसको लेकर सभी जिले के सरकारी अस्पातलों को अलर्ट कर दिया गया है।सभी अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टर की उपलब्धता के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है।इस दौरान आमलोगों को भी ज्यादा सतर्क रहने जरूरत नहीं हैं।सर्दी खांसी या तेज बुखार होने पर अभिभावकों को खबराने के बजाय अपने नजदीकी अस्पताल जाकर बच्चों का समय से इलाज कराना चाहिए...समय से इलाज मिलने पर मरीज कुछ ही दिन मे पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
अरूण चौरसिया,कशिश न्यूज

