PATNA:-मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में गृह मंत्रालय से जुड़े मामले को लेकर कई फरियादी अपनी शिकायत लेकर सीएम के पास पहुंचे।सीएम ने बारी-बारी से सभी शिकायकर्ता की फरियाद सुनी और मौके पर मौजुद अधिकारियों को कई तरह के निर्देश दिये।इस दौरान कुमुद वर्मा नाम की एक महिला ने सीएम से अपने पति के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।महिला की मानें तो उनके पति दयानंद वर्मा की हत्या 14 फरवरी को हुई थी और यह हत्या जेडीयू विधायक रिंकू सिंह द्वारा करवाई गयी है।आरोपी रिंकू के सत्ताधारी दल के विधायक होने की वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।महिला के द्वारा जेडीयू विधायक पर हत्या का आरोप लगाये जाने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि इऩ्हें डीजीपी का पास ले जाइये...डीजीपी खुद इस मामले को देखेगें।
जनता दरबार के बाद सीएम ने क्या कहा..
मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में लोगों की फरियाद सुनने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बात की और बाढ,कोरोना,एवं जातीय गणना समेत कई मुद्दे पर अपनी बात रखी।बाढ को लेकर आयी केन्द्रीय टीम को लेकर पूछे गये मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अपने स्तर से बाढ की विभिषिका से निपट रही है।वे खुद बाढ प्रभावित इलाके का दौरा कर चुके हैं।केन्द्र सरकार से टीम भेजकर आकलन करने का आग्रह बिहार सरकार द्वारा कई बार किया गया था।टीम के आने में थोड़ा विलंब हुआ है पर आगे देखतें है कि क्या होता है।बिहार के अधिकारियों ने सारे तथ्यों से अवगत करा दिया है।

वहीं कोरोना से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि केन्द्र के साथ ही बिहार सरकार कोरोना से बचाव एवं टीकाकरण को लेकर काम कर रही है।सभी लोग चाहतें हैं कि कोरोना की तीसरी लहर बिहार मे नहीं आये...अभी राज्य सरकार ने बाजार के साथ ही शिक्षण एवं धार्मिक संस्थान को खोल दिया है,पर हम सभी को सावधान रहने की जरूरत है।वहीं कोरोना का टीका लगवाने के लिए भी सरकार विशेष अभियान चला रही है।इसमें सभी लोगों को सहयोग करने की जरूरत है।
जातीय गणना के मुद्दे पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास अभी इस मुद्दे पर बोलने के लिए नया कुछ नहीं है क्योंकि उनलोगो ने अपनी बात पीएम तक पहुंचा दी है।अब केन्द्र सरकार को इस मुद्दे पर निर्णय लेना है।सभी लोगों को केन्द्र सरकार के जातीय गणऩा के निर्णय का इंतजार है क्योकि देश के अधिकांश राजनीति दल जातीय गणना के पक्ष में हैं।