Live

2.70 लाख शिक्षक बहाली मामला

बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को मौका देने से उपजे विवाद पर शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र

A
Arun Chourasiaलेखक

पटना- नीतीश कैबिनेट के द्वारा शिक्षक बहाली में संशोधन के बाद बिहार के साथ ही देशभर के अभ्यर्थी आवेदन कर सकतें हैं.इस बदलाव के बाद अभ्यर्थियों के साथ ही विपक्षी दलों के नेता विरोध जता रहें हैं और सरकार के इस बदलाव के खिलाफ आन्दोलन की घोषणा की है.


वहीं इस मामले को तूल पकड़ता देख शिक्षा विभाग ने एक पत्र जारी किया है और लोगों से भ्रमित नहीं होने की अपील की गई है.पत्र में कुछ लोगों को भ्रम पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है.


शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूचना में यह कहा गया है कि बिहार की शिक्षक भर्ती प्रकिया में पहली बार बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को शामिल होने का मौका नहीं दिया गया है बल्कि 2012 से 2020 तक बिहार से बाहर के अभ्यर्थी शामिल हुए हैं.2012 से 2020 तक करीब 1.68 लाख शिक्षकों की बहाली हुई है जिसमें से महज 3400 बाहरी अभ्यर्थियों का सलेक्शन हुआ है.इसलिए बिहार के अभ्यर्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है.


शिक्षा विभाग की सूचना के मुताबिक समय-समय पर शिक्षा विभाग नियमावली में बदलाव करते रहता है. वर्ष 2006 से 2012 तक शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बिहार से होना अनिवार्य था,पर 2012 में बिहार से बाहरी अभ्यर्थियों को भर्ती प्रकिया में शामिल होने की अनुमति दी गई थी.इस आधार पर करीब 1.68 लाख शिक्षकों की बहाली का विज्ञापन निकाला गया था,जिसमें महज 3400 बाहरी अभ्यर्थियों का चुनाव हो सका है.

बतातें चले कि 2.70 लाख अभ्यर्थियों की बहाली के लिए बीपीएससी ने जो विज्ञापन निकाला था ,उसमें सिर्फ बिहार के मूल निवासियों को आवेदन करने की अनुमति दी गई थी,पर बाद में नीतीश कैबिनेट ने इसमें बदलाव करते हुए बिहार के निवासी की अर्हता को खत्म कर दिया था जिसके बाद से बवाल शुरू हो गया है और अब शिक्षा विभाग नें पत्र जारी कर लोगों को भ्रमित नहीं होने की अपील की है.

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें