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पटना की 108 साल पुरानी जलमीनार का होगा जीर्णोद्धार, 3.30 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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Deepak Kumarलेखक

पटना:बिहार की राजधानी पटना की ऐतिहासिक जलमीनार का अब जीर्णोद्धार किया जाएगा। बीरचंद पटेल पथ स्थित इस पुरानी जलमीनार के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का शिलान्यास मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। करीब3करोड़30लाख रुपये की लागत से होने वाले इस कार्य को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

1918में हुआ था जलमीनार का निर्माण

जानकारी के अनुसार,इस ऐतिहासिक जलमीनार का निर्माण वर्ष1918में हुआ था। उस दौर में यह जलमीनार पटना में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। समय के साथ शहर की आबादी और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ,लेकिन यह जलमीनार आज भी अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण खास पहचान रखती है।

मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना होगा जीर्णोद्धार

जलमीनार के जीर्णोद्धार के दौरान इसके मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखने पर जोर दिया जाएगा। योजना के तहत संरचना की मरम्मत और उसे बेहतर बनाने का काम किया जाएगा,ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रह सके।

परिसर में बनेगा कैफेटेरिया

जीर्णोद्धार योजना के तहत जलमीनार परिसर में कैफेटेरिया का भी निर्माण किया जाएगा। इससे इस ऐतिहासिक स्थल को एक नया रूप देने के साथ लोगों के लिए उपयोगी स्थान के रूप में विकसित करने की योजना है।

छह महीने में पूरा होगा काम

जलमीनार के जीर्णोद्धार पर कुल3.30करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना की इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और परिसर को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस पहल के जरिए शहर की पुरानी विरासत को सुरक्षित रखने के साथ उसे नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

पटना से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

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