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बिहार के 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन रजिस्ट्री को हरी झंडी, लेकिन मकान बनाने पर रोक बरकरार; जानिए सरकार के फैसले के क्या हैं मायने?

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Deepak Kumarलेखक

पटना: बिहार में प्रस्तावित 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा दी है। अब जमीन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकेंगे। हालांकि, राहत के साथ सरकार ने एक शर्त भी बरकरार रखी है। मास्टरप्लान तैयार होने और अधिसूचित होने तक इन इलाकों में मकान बनाने और अन्य निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। सरकार के इस फैसले से उन हजारों भू-स्वामियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध के कारण अपनी संपत्ति का लेन-देन नहीं कर पा रहे थे।

क्यों हटाई गई जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक?
दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य में नए और सुनियोजित शहरी क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए क्षेत्रों का चयन किया था। बाद में रोहतास जिले के डेहरी को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया, जिसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई।

टाउनशिप के लिए चयनित क्षेत्रों में भविष्य की विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण पर रोक लगाई गई थी। इसका उद्देश्य मास्टरप्लान तैयार होने तक अनियोजित निर्माण को रोकना था।

हालांकि, प्रतिबंध के कारण स्थानीय लोगों को अपनी जमीन बेचने और हस्तांतरित करने में परेशानी हो रही थी। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया है।

किन 12क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री का रास्ता खुला?
सरकार के फैसले से निम्नलिखित प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाई गई है।

हरिहरनाथपुर टाउनशिप – सोनपुर
मिथिला टाउनशिप – दरभंगा
कोसी टाउनशिप – सहरसा
मां पूरन देवी टाउनशिप – पूर्णिया
अंग टाउनशिप – मुंगेर
सीतापुरम टाउनशिप – सीतामढ़ी
विक्रमशिला टाउनशिप – भागलपुर
डेहरी टाउनशिप – रोहतास
सारण टाउनशिप – छपरा
तिरहुत टाउनशिप – मुजफ्फरपुर

इसके अलावा पाटलिपुत्र और मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में विकास योजना का प्रारूप प्रकाशित होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक पहले ही हटाई जा चुकी है।

क्या अब इन इलाकों में मकान बना सकेंगे लोग?
सरकार के फैसले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति को निर्माण की अनुमति नहीं माना जाएगा।

अब जमीन मालिक क्या कर सकेंगे?
जमीन की कानूनी खरीद-बिक्री कर सकेंगे।
अपनी संपत्ति का हस्तांतरण करा सकेंगे।
जरूरत पड़ने पर जमीन बेच सकेंगे।

फिलहाल किन कामों पर रोक रहेगी?
मनमाने तरीके से मकान का निर्माण नहीं कर सकेंगे।
बिना निर्धारित नियमों के भूमि विकास नहीं कर सकेंगे।
टाउनशिप की प्रस्तावित योजना के विपरीत निर्माण नहीं कर सकेंगे।

मास्टरप्लान तैयार होने और अधिसूचित होने के बाद ही संबंधित क्षेत्रों में जमीन के उपयोग और निर्माण से जुड़े नियम स्पष्ट होंगे।

सरकार के फैसले के क्या हैं मायने?


1.जमीन मालिकों को मिलेगी राहत
रजिस्ट्री पर लगी रोक हटने से उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें आर्थिक जरूरतों के बावजूद अपनी जमीन बेचने में परेशानी हो रही थी। अब वे कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति का लेन-देन कर सकेंगे।

2.जमीन के कारोबार में बढ़ेगी गतिविधियां
खरीद-बिक्री की अनुमति मिलने से इन क्षेत्रों में जमीन के कारोबार में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, जमीन की कीमतों में कितना बदलाव होगा, यह बाजार की मांग और भविष्य की विकास योजनाओं पर निर्भर करेगा।

3.निवेशकों की बढ़ सकती है दिलचस्पी
ग्रीनफील्ड टाउनशिप के आसपास भविष्य में आवासीय और व्यावसायिक विकास की संभावनाएं हैं। ऐसे में जमीन की खरीद-बिक्री का रास्ता खुलने से निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, मास्टरप्लान और जमीन के प्रस्तावित उपयोग की जानकारी लिए बिना निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

4.सरकार का दोहरा उद्देश्य
सरकार ने एक तरफ भू-स्वामियों को संपत्ति के लेन-देन की राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ निर्माण पर रोक बरकरार रखकर सुनियोजित शहरी विकास का लक्ष्य भी सुरक्षित रखा है।

5.बिहार में शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के जरिए नए आवासीय क्षेत्रों के साथ सड़क, परिवहन, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक सुविधाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की तैयारी है।

कब शुरू होगा टाउनशिप का निर्माण?
अब सबसे ज्यादा नजर नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले मास्टरप्लान पर है। मास्टरप्लान तैयार होने और अधिसूचित होने के बाद ही निर्माण से संबंधित नियम और जमीन के उपयोग की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद ही नियोजित विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

बिहार सरकार का यह फैसला जमीन मालिकों के लिए राहत लेकर आया है। अब 12 प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया है। हालांकि, निर्माण पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

यानी जमीन बेचने और खरीदने की अनुमति मिल गई है, लेकिन मकान बनाने के लिए अभी मास्टरप्लान का इंतजार करना होगा। आने वाले समय में ये 12 प्रस्तावित टाउनशिप बिहार के शहरी विकास की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

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