
मनरेगा में मजदूरी कर चल रही रोजी-रोटी, भूल गए सब
पलामू के पहले सांसद और स्वतंत्रता सेनानी स्व० जेठन सिंह खरवार का परिवार आज अभाव की जिंदगी जीने को विवश है। पहले सांसद का परिवार मनरेगा में मजदूरी एवं खेती कर अपना जीविकोपार्जन कर रहा है। आपको बता दें कि गढ़वा जिले के चिनियां प्रखण्ड का बरवाडीह पंचायत से 1952 में स्वंत्रता सेनानी जेठन सिंह खरवार पलामू के प्रथम सांसद बने थे। आज की स्थिति यह है कि परिवार अभाव की जिंदगी जीने को विवश है। सांसद के परिवार के लोग जॉब कार्ड बनवा कर मनरेगा के कार्य कर अपना जीवनयापन कर रहे है, तो कोई खेती में मशगूल हैं। उस समय अंग्रेजो के दांत खट्टे करने वाले जेठन सिंह खरवार सेना से रिटायर होने के बाद कांग्रेस पार्टी जॉइन सांसद बने। लेकिन उनके मरणोपरांत उनके परिवार को आज पूछने वाला कोई नहीं है। जेठन सिंह खरवार के पुत्र का कहना है कि हमलोगों को पूछने वाला कोई नही है। सिर्फ 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन ही इलाके के नेता और जिला प्रशासन मिलने को आते है। बाकी दिन हम मनरेगा में मजदूरी कर जीवन यापन करते है।
