लोहरदगा:-हाल के दिनों में मौसम में बहुत ज्यादा बदलाव देखने को मिला है. कभी कड़ी धूप तो कभी बादल और बरसात. बूंदाबांदी,तापमान में गिरावट और अचानक से तापमान में बढ़ोतरी हो जाना,जैसे सामान्य सी बात हो गई है। हर दिन मौसम बदल रहा है। मौसम में हो रहे बदलाव के बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता सताने लगी है। लोग कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। लोहरदगा सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार सुबोध बता रहे हैं कि वर्तमान समय में कैसे हम अपनी देखभाल कर सकते हैं और हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

बीमार होने पर तुरंत करें चिकित्सक से संपर्क

सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार सुबोध का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव का सबसे अधिक असर लोगों को पेट संबंधी बीमारियों के रूप में देखने को मिलता है। कभी लूज मोशन तो कभी पेट दर्द के साथ उल्टियां शुरू हो जाती हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव और खानपान में ध्यान नहीं देने के कारण ऐसा ज्यादातर हो रहा है। यदि कभी भी लगे कि उनका शरीर बीमार हो रहा है,तो तत्काल वह चिकित्सक से संपर्क करें। सिविल सर्जन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पास सभी संसाधन और बेहतर चिकित्सक उपलब्ध हैं। यदि कोई परेशानी होती है तो तत्काल सरकारी अस्पताल में पहुंचकर अपना इलाज करा सकते हैं। झोला छाप चिकित्सकों के चक्कर में नहीं पड़ना है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता बेहद जरूरी है।

मलेरिया और टाइफाइड का जांच कराना आवश्यक

उन्होंने आगे बताया कि जब तक हम अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत नहीं होंगे,तब तक हम बेहतर रूप से जीवन व्यतीत नहीं कर सकते हैं। सर्दी,खांसी,बुखार आदि होने पर सबसे पहले मलेरिया और टाइफाइड को लेकर जांच कराना आवश्यक हो जाता है। ऐसे मौसम में पानी पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अशुद्ध पानी किसी भी स्थिति में नहीं पीना चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी सचेत रहना जरूरी हो जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार सुबोध ने डिहाइड्रेशन की स्थिति में भी तत्काल चिकित्सक से इलाज कराने की बात कही है।