धनबाद : भारत में चिकित्सा शिक्षा को नियंत्रित करने वाले शीर्ष निकाय मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में कई बदलाव किये हैं. खास कर हम सकते हैं कि चिकित्सा सेवा को और बेहतर बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है. इसके तहत सर्टेन स्किल जरुरी है या हम यह कह सकते हैं कि एक एमबीबीएस डॉक्टर की प्राथमिक भूमिका में रोगियों के लिए समाधान खोजने के लिए समस्या-समाधान और महत्वपूर्ण सोच शामिल है.


एमबीबीएस के छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी दी गई जानकारी

डॉक्टर मुख्य रूप से लक्षणों का आकलन करने, स्थितियों का निदान करने और अपने रोगियों के लिए उपचार योजना विकसित करने के लिए इन कौशलों का उपयोग करते हैं. इसको देखते हुए कोयलांचल के बड़े अस्पताल में एमबीबीएस के इंटरशिप कर रहे छात्रों के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया. जिसमें उन्हें हर एक छोटी बड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई. जैसे पेशाब की नली डालना ,राइस ट्यूब डालना ,इंजेक्शन लगाने से लेकर आपात स्थिति मरीज की जान बचाना. क्योंकि आपात स्थिति में आये मरीजों को तत्काल इलाज काफी जरुरी होता है. क्योंकि वह कुछ घंटे मरीज के जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं.

वहीं इस सेमिनार के पहले सत्र के दौरान सैद्धांतिक ज्ञान दिया जा रहा है. वहीं दूसरे सत्र में स्किल स्टेशनों पर व्यावहारिक ज्ञान दिया जायेगा. इससे इन छात्रों को फील्ड करने में काफी फायदा मिलेगा साथ ही इनका मनोबल भी बढ़ेगा.