पटना : कहावत है कि राजनीति में ना कोई स्थायी दोस्त होता है ना ही स्थायी दुश्मन. सत्ता के बदलते ही दोस्ती और दुश्मनी के मायने बदल जाते हैं. लेकिन बिहार में यह नजारा इससे भी बढ़कर देखने को मिल रहा हैं. अभी नयी सरकार के गठन के 10 दिन भी नही बीते और नये मंत्रिमंडल के गठन के तो 4 दिन ही बीते हैं लेकिन विपक्ष ने मानो सरकार को चैन से नही रहने देने की कसम खा ली है.

अब बात करें बिहार में नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के जोड़ी की .2005 से लेकर 2022 के 9 अगस्त तक यह जोड़ी बिहार की राजनीति की जोड़ी नंबर वन मानी जाती रही है. और इन 17 वर्षो में कुल मिलाकर करीब 5 वर्षों को छोड़ दें तो करीब 12 वर्षों तक सी एम नीतीश के साथ साये की तरह साथ देने वाले उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को नीतीश कुमार में केवल खूबिंया ही दिखती थी तो नीतीश सुशील मोदी को अपना असली दोस्त मानते थे. यही वजह रही कि 2020 में विधान सभा चुनाव के बाद जब मंत्रिमंडल में सुशील मोदी शामिल नही हुए तो नीतीश दुखी भी हुए थे. लेकिन पिछले 10 अगस्त को नीतीश ने बीजेपी का ज्यों ही साथ छोड़ा सुशील कुमार मोदी नीतीश के कट्टर राजनीतिक दुश्मन बन गये हैं. और पिछले 4 दिनों में करीब आधा दर्जन मामलो पर तो सुशील मोदी ने राजद के बहाने नीतीश पर जमकर तीर चलाये हैं.

पहला मामला कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह का रहा है जिनके खिलाफ मीडिया में फरार होने की सूचना आयी . दूसरा मामला जद यू विधायिका बीमा भारती और खाद्य आपूर्ति मंत्री लेशी सिंह का आया. वह मामला शांत भी नही हुआ कि शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के कारतूस रखने का मामला और फिर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनो बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के स्वास्थ्य विभाग की विभागीय बैठक में जहा उनके सहयोगी संजय यादव के बैठने का मामला हो या फिर बड़े बेटे वन पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप के साथ उनके बड़े बहनोई शैलेश कुमार विभागीय अधिकारियों के साथ बैठने का मामला हो. सुशील मोदी समेत अनेक बीजेपी नेता पूरी तरह हमलावर है. हालांकि अधिकांश मामलो में नीतीश कही नही है लेकिन बीजेपी नेता राजद के बहाने तीर नीतीश पर चला रहे हैं.

अब सवाल यह है कि नयी सरकार के हनीमून पीरियड को भी बीजेपी बदरंग करने पर क्यो तुली हुई है. बिहार के राजनीतिक पंड़ितो की माने तो बीजेपी के लिये राजद तो बहाना है असली तीर तो नीतीश पर चलाना है ताकि नीतीश के सुशासन वाले चेहरे को 2024 के पहले इतना बदरंग कर दिया जाये कि नरेन्द्र मोदी को चुनौती देने के विपक्ष के अभियान की हवा निकल जाये.

अशोक मिश्रा , कशिश न्यूज.