पटना : 10 अगस्त को 8 वीं बार बिहार की सत्ता संभालने के बाद सीएम नीतीश ने एक सप्ताह बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार को कर दिया है. महागठबंधन के इस मंत्रिमंडल का काफी चेहरा बदला हुआ है. यानि जद यू के सभी पुराने मंत्रियो को छोड़ दे तो तेजस्वी ने अपनी टीम में अपने आधार वोट का पूरी तरह से ख्याल रखा है. कैबिनेट में लालू परिवार , और राजद के वफादार सिपहसलारों के अलावे जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया.

कुल 33 सदस्यों वाले मंत्रिमंडल में राजद 17 जद यू 12 कांग्रेस 2 हम एक निर्दलीय 1 है. मंत्रिमंडल में अगर जातीय समीकरण को देखें तो इसमें सबसे ज्यादा 8 यादव 5 मुसलमान,अनुसूचित जाति 5 अतिपिछड़ा 4 राजपूत 3 कुशवाहा 2 कुर्मी 2 भूमिहार 2 ब्राह्मण 1 और 1 वैश्य को शामिल किया गया है.

यादव में सबसे ज्यादा 7 राजद से हैं . जिसमें तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव के अलावा फतुहा विधायक रामानंद यादव बेलागंज गया विधायक सुरेन्द्र यादव दरभंगा ग्रामीण के विधायक ललित यादव मधेपुरा विधायक प्रो0 चन्द्र शेखर और जीतेन्द्र राय मढौरा हैं तो जद यू से एक मात्र मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव बनाये गये हैं.

जबकि माई समीकरण के तहत माय से राजद ने 3 और जद यू और क्रांग्रेस ने एक एक सदस्य को मंत्री बनाया है.कांग्रेस ने कसबा के विधायक अफाक आलम तो जद यू ने जमां खान को मंत्री बनाया है. जबकि राजद से शमीम अहमद शाहनावज और मो. इसराईल मंसूरी को मंत्री बनाया है. यानि यादव के बाद सबसे ज्यादा संख्या मुस्लिम की है.

दूसरी तरफ राजद ने राजपूत जाति से आने वाले राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को तो जद यू लेशी सिंह को मंत्री बनाया है. जबकि निर्दलीय सुमित सिंह भी मंत्री बने हैं, भूमिहार जाति से जद यू कोटें से फिर विजय कुमार चौधरी मंत्री बने है तो राजद ने कार्तिक सिंह को मंत्री बनाया है. ब्राह्मण से एकलौते मंत्री संजय झा बने हैं तो वैश्य समाज से भी समीर महासेठ को राजद ने कैबिनेट में जगह दी है.लव कुश समीकरण से कुर्मी से सी एम नीतीश और श्रवण कुमार हैं तो कुशवाहा से राजद से आलोक मेहता और जद यू से जयंत को बनाया गया है.

अनुसूचित जाति और अतिपिछड़ों के कुल 9 मंत्रियों मे दोनो दलों यानि राजद और जद यू संतुलन बनाने की कोशिश की है जबकि कांग्रेस ने एक अल्पसंख्यक और एक अनुसूचित जाति को कैबिनेट में जगह दी है. यानि राजद ने अपने माय समीकरण को मजबूत करने के साथ ही सवर्णों को भी जोड़ने की कवायद की है लेकिन जलवा माय समीकरण का ही है.

अशोक मिश्रा, कशिश न्यूज.