प्रधान मंत्री के एलान का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया स्वागत तो तेजस्वी का बयान यह किसान की जीत
लालू का दावा पंजाब और यू पी में हार के डर से केन्द्र ने लिया फैसला, कांगेस नेताओ ने मनाया जीत का जश्न.
PATNA: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीनो कृषि बिल वापस लेने की घोषणा ने देश के सभी राजनीतिक दलो के नेताओ को चौंका दिया है.नरेन्द्र मोदी के इस मास्टर स्ट्रोक के साथ ही सूबे में सियासत भी गरमाने लगी है. एक तरफ बिहार में एन डी ए गठबंधन के सभी बड़े नेताओं ने केन्द्र सरकार के इस फैसले को सही ठहराते हुए इसका स्वागत किया है तो दूसरी ओर विपक्षी दलो ने इस किसान और विपक्ष की जीत और सरकार की हार करार दिया है.
सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीनो कृषि कानून को सोच समझकर रद्द किया है. यह फैसला स्वागत योग्य है. नीतीश ने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री ने कहा कि कही ना कही हम किसानो को समझाने में विफल रहे है इस लिये हम वापस ले रहे है अब इस पर कोई राजनीति नही होनी चाहिये.विपक्ष को बोलने का काम वह बोलते रहता है.
दूसरी तरफ बिहार विधान सभा में विरोधी दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मे इसे किसानो की जीत करार दिया है अपनी प्रतिक्रिया में तेजस्वी ने इसे पूंजीपतियो उनके रखवाले नीतीश भाजपा सरकार के अहंकार की हार कहा है. तेजस्वी ने कहा कि उप चुनाव में हार के बाद केन्द्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर दिखावटी ही सही लेकिन थोड़ा टैक्स कम किया है.अब उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड और पंजाब की हार के डर से तीनो काले कृषि कानून वापस लेने पड़े है. वही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी इसे पूरे देश के किसानो के आंदोलन की जीत बतलाया है. साथ ही लालू ने भी दावा किया है कि यू पी और पंजाब में हार के डर से प्रधानमंत्री ने यह घोषणा किया है.यही दावा राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी किया है और इसे मोदी सरकार का हठ टूटने और किसानो की जीत बतलाया है.
बिहार के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह हो या शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी या फिर जद यू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह हों या हम प्रवक्ता दानिश रिजवान सबो ने केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के इस एलान के बाद प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया और रंग अबीर उड़ाये.कांग्रेस के पूर्व महासचिव शकील अहमद ने इसे किसान और विपक्ष की जीत करार दिया है.
यानि एक लंबे अरसे के बाद केन्द्र सरकार के एक फैसले से सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनो खुश है. भले ही इसका राजनीतिक संदेश कुछ हो लेकिन इतना अवश्य दिख रहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनो अपनी - अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

