GAYA : गया के एक निजी होटल में पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में 17वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार, विधायक अनिल कुमार सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए. सर्वप्रथम पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी के चित्र पर लोगों ने श्रद्धा सुमन व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि दशरथ मांझी ने 22 वर्षों तक पहाड़ को छेनी-हथौड़ी से काटकर सुगम रास्ता बनाया, इससे आज के युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए. संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा हो, इससे लोगों को पीछे नहीं हटना चाहिए.

पुण्यतिथि कार्यक्रम में जीतन राम मांझी समेत कई नेताओं का हुआ जुटान, पर्वत पुरुष को दी गई श्रद्धांजलि

वहीं, उन्होंने कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या के मामले पर कहा कि हर एक स्टेट का लॉ एंड ऑर्डर का अपना इशू होता है. इस तरह की घटना निंदनीय है. खासकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री दीदी हैं, ऐसे में उन्हें चाहिए कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें. पूरे मामले की सीबीआई जांच हो, चाहे जो कोई भी दोषी हो, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह बात कही है कि अगर महिलाओं पर अत्याचार होता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने की बजाए पीड़ित को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए, तभी सही बात होगी. उन्होंने कहा कि हम भी मांग करते हैं कि जो लोग भी इस घटना के पीछे हैं, मामले की जांच कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए.

पुण्यतिथि कार्यक्रम में जीतन राम मांझी समेत कई नेताओं का हुआ जुटान, पर्वत पुरुष को दी गई श्रद्धांजलि

वहीं, कार्यक्रम में शामिल पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी उत्थान सेवा समिति के संयोजक लक्ष्मण मांझी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा दशरथ की 17वीं पुण्यतिथि मनाई गई है, जिसमें तमाम लोग शामिल हुए हैं. जो लोग बाबा दशरथ मांझी के विचारों में विश्वास रखते हैं, वे लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि बाबा दशरथ मांझी ने 22 वर्षों तक पहाड़ को काटकर सुगम रास्ता बनाया था, जिसका लाभ आज लोगों को मिल रहा है.

वजीरगंज प्रखंड जाने में जो लोग पहले 50 किलोमीटर की दूरी तय करते थे, अब वह सिमट कर मात्र 8 किलोमीटर रह गई है. उनका संघर्ष लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है. उनके कार्यों को देखते हुए बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न मिलना चाहिए, इसकी मांग पूर्व से भी होती रही है. हम भी मांग करते हैं कि बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा जाए.