बोकारो में रोजगार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार नियुक्ति पत्र मिलने के बाद समाप्त हो गया। विस्थापित युवा सजल कुमार करीब चार महीने तक BGH में काम करने के बाद कार्यमुक्त किए गए थे। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ टू-टैंक गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे थे।मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब बोकारो विधायक श्वेता सिंह खुद BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं और कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद करा दिया। विधायक ने कार्यालय के बाहर धरना देते हुए साफ कहा कि जब तक सजल कुमार के हाथ में नियुक्ति पत्र नहीं आता, वह वहां से नहीं हटेंगी।सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति को लेकर पहले BSL प्रतिनिधि सुजीत राय और विस्थापित प्रतिनिधि राज कुमार सिंह की मौजूदगी में BGH प्रबंधन के साथ दो दौर की वार्ता हुई। लेकिन बातचीत से ठोस समाधान नहीं निकल पाया।

इसके बाद सजल कुमार और उनका परिवार भूख हड़ताल पर बैठ गया। मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब विधायक श्वेता सिंह BGH के DMS कार्यालय पहुंचीं और कहा कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद… विधायक का धरना… और साफ ऐलान—नियुक्ति पत्र मिलने तक नहीं हटेंगी!इसके बाद प्रबंधन ने सजल कुमार की पुनर्नियुक्ति का निर्णय लिया और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा।नियुक्ति पत्र मिलने के बाद विधायक श्वेता सिंह ने सजल कुमार को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। सजल कुमार ने विधायक और सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया।विधायक ने कहा कि विस्थापितों और अप्रेंटिस युवाओं के लंबित रोजगार मामलों को केवल बैठक और आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा।