सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पदस्थापित लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार राम पर लगातार तीन गर्भवती महिलाओं से एचआईवी जांच में पॉजिटिव निकला तो CHC प्रभारी के पास पहुंचे ।प्रभारी मैडम ने कहा इसका दावा एमजीएम अस्पताल में मिलेगा । दो बार जमशेदपुर मेंं दूसरी जांच में एचआईवी नेगेटिव निकली महिलाएं ।परिवार को इससे राहत मिली .इसमें गलत जांच के नाम पर अवैध वसूली और डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत उपायुक्त और ईचागढ़ विधायक सविता महतो तक पहुंचने के बाद भी अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार भयभीत हैं।

पहला मामला - मंजूषा महतो हिलसी गांव निवासी मंजूषा महतो, पति फूलचांद महतो ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए लिखित आवेदन में बताया कि वह 10 अगस्त 2025 को गर्भवती जांच के लिए CHC नीमडीह गई थी।आरोप है कि वहां पदस्थापित LT सुनील कुमार राम ने जांच के एवज में जबरन पैसा लिया और होने वाले बच्चे को लेकर डराया कि - "अगर मेरे पास बार-बार जांच नहीं कराई तो तुम्हारा बच्चा अधूरा पैदा होगा.पीड़िता ने बताया कि इस घटना के बाद से वह घोर मानसिक तनाव से गुजर रही है। उसने 20 अगस्त को लिखित शिकायत दी थी। आवेदन पर जिला परिषद उपाध्यक्ष की मोहर और हस्ताक्षर है, तथा 22 अगस्त और 1 सितंबर को अलग-अलग कार्यालयों में रिसीविंग भी हुई है। इसकी प्रतिलिपि BDO नीमडीह, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद, सिविल सर्जन सरायकेला, उपायुक्त सरायकेला और विधायक ईचागढ़ को भी दी गई थी।

दूसरा मामला - मनी गोप - 500 रुपये वसूली

25 किलोमीटर दूर नीमडीह स्वास्थ्य केंद्र आपने पति को लेकर पहुंचते हे। भोले वाले ग्रामीणों को ठगने की काम करते हे ।जिसका विरोध में कर्ण गोप ने कारवाई करके हटाने की वाते कही ।इसकी गलत इलाज के कारण लोगों की जान चले जायेंगे ।इसी LT पर दूसरा आरोप महकमडीह, सिरूम निवासी मनी गोप, पति कर्ण गोप ने लगाया है। पीड़िता ने बताया कि 3 सितंबर 2026 को वह रक्त जांच के लिए CHC गई थी। आरोप है कि LT ने जांच के नाम पर उससे जबरन 500 रुपये ले लिए और कहा "अगर मुझसे रक्त जांच नहीं कराओगी तो बच्चा 7 महीने में ही पैदा हो सकता है, जल और रक्तस्राव के साथ बच्चा नष्ट भी हो सकता है।पीड़िता ने 7 सितंबर 2026 को आवेदन दिया, जिस पर 15 सितंबर की रिसीविंग है। इसकी प्रतिलिपि भी BDO, प्रमुख, जिला परिषद, सिविल सर्जन और उपायुक्त को भेजी गई है।तीनों पीड़िताओं ने मांग की है कि दोषी टेक्नीशियन पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और गर्भवती महिला को इस पीड़ा से न गुजरना पड़े। परिवार के लोगों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार LT सुनील कुमार राम पूर्व में कुचाई CHC में कार्यरत था, जहां भी उस पर लोगों से घूस लेने के आरोप लगते रहे हैं। अब पूर्ण रूप से नीमडीह में योगदान देने के बाद भी उसका रवैया नहीं बदला है।इधर शिकायत के एक महीने बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।