झारखंड राज्य के करीब 25 हजार शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। आरटीई (RTE) यानी शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) की अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए झारखंड सरकार आवश्यक पहल करेगी।पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को यह भरोसा दिलाया है। संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी और महासचिव राममूर्ति ठाकुर के नेतृत्व में मंत्रियों से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर इसे विचार के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाए।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा है कि सरकार शिक्षकों के साथ है और इस दिशा में विधानसभा से प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा जाएगा। वहीं, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने भी प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि वह इस महत्वपूर्ण विषय को आगामी कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।बता दें कि यह मामला करीब 25 हजार से अधिक शिक्षकों के सेवा हितों से जुड़ा हुआ है, जो लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस सकारात्मक आश्वासन से इन शिक्षकों में एक नई उम्मीद जगी है।
