JHARKHAND NEWS : छात्र आंदोलन पर बड़ा अपडेट: सीएम हाउस से मिला संदेश, 5 लोगों के प्रतिनिधिमंडल से होगी चर्चा
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने आखिरकार छात्रों से बातचीत के लिए औपचारिक पहल कर दी है।झारखंड सरकार की ओर से एसडीओ कुमार रजत आंदोलनरत छात्रों के बीच पहुंचे और सरकार का संदेश उन तक पहुँचाया। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हो सके।
सरकार के इस प्रस्ताव पर छात्रों ने सहमति तो जताई, लेकिन साथ ही एक बड़ी और स्पष्ट शर्त भी रख दी। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया कि वे बंद कमरे में कोई बातचीत नहीं करेंगे।छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ होने वाली यह वार्ता सार्वजनिक और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। चूंकि यह मुद्दा राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए वे कुछ भी बंद दरवाजों के पीछे तय नहीं करना चाहते।छात्रों ने यह भी जानकारी दी कि सरकार के प्रस्ताव पर वे आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं। शाम 5:00 से 6:00 बजे के बीच वे अपना अंतिम फैसला लेंगे और सरकार को आधिकारिक रूप से सूचित करेंगे। फिलहाल आंदोलन स्थल पर छात्रों की महाबैठक जारी है।इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं।
सीएम ने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें प्रत्यक्ष रूप से सरकार तक पहुँच रही हैं और सरकार हर पक्ष को गंभीरता से सुन रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि छात्र सीधे सरकार से संवाद कर सकते हैं, क्योंकि सरकार हमेशा बातचीत के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हालात सिर्फ झारखंड में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिलते हैं। गृह मंत्री से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस पर भी विचार किया जाएगा।मानव इतिहास का एक बड़ा हिस्सा इसी बात पर बीता है कि लोग पहले अधिकारों के लिए टकराते हैं और अंत में समाधान के लिए बातचीत की मेज पर आते हैं। अब पूरे राज्य की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि सरकार और छात्रों के बीच यह प्रस्तावित वार्ता परवान चढ़ती है या गतिरोध और आगे बढ़ता है।





