गयाजी- अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 का आगाज 25 सितंबर से होने जा रहा है। यह मेला 10 अक्टूबर तक चलेगा। पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया और बोधगया पहुंचेंगे और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करेंगे। पितृपक्ष मेले को लेकर गया और बोधगया में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विष्णुपद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पिंडदान स्थल रहेगा। इसके अलावा बोधगया की तीन प्रमुख पिंडदान वेदियों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
पितृपक्ष में गया में पिंडदान को लेकर धार्मिक मान्यता है कि यहां फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और पिंडदान वेदियों पर विधि-विधान से श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता के अनुसार, गया को पितृश्राद्ध के प्रमुख तीर्थस्थलों में माना जाता है और यहां पिंडदान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह धार्मिक आस्था है; इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाता।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई , बिजली सेवा और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। पितृपक्ष मेले के दौरान गया में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। कुल मिलाकर, 25 सितंबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला महासंगम को लेकर गया पूरी तरह तैयार है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के पहुंचने का इंतजार है।
गया से मनोज सिंह की रिपोर्ट

