रामगढ़:-जिले में अवैध कोयले का धंधा जारी है। कोयला माफिया पुलिस के साथ मिलकर कोयले का अवैध धंधा कर रहे हैं। रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना से मजहब एक किलोमीटर की दुरी पर डिपो की आड़ में अवैध कोयले का धंधा खुलेआम चल रहा है। हालत यह है की बोकारो आईजी के हस्तक्षेप के बाद जिला कप्तान और भुरकुंडा पुलिस सक्रिय हुई।

रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित कोल डिपो में रात के अँधेरे में कोयले से भी ज्यादा काली अवैध गोरखधंधे की शुरुआत हो जाती है। इस पूरे खेल में पुलिस की मिलीभगत से कोल माफिया इसको अंजाम देते है। ऐसा हम नहीं बल्कि यह तस्वीरें बता रहे है। बंद चारदीवारी के बीच सैकड़ों की संख्या में साइकिल पर सवार कोयला यहाँ पहुँचता है और ताल ठोल के इन कोयले का यहाँ काटा होता है की आखिर इसका वजन कितना है फिर इनका टोकन दिया जाता है और ये काउंटर से अपना पैसा लेते है।
यह सिलसिला यूं ही पूरी रात चलता रहता है और फिर अहले सुबह इसको ट्रक पर लोड कर डिपो का पेपर लगा राज्य के बाहर देश के विभिन्न मंडियों जैसे सासाराम,बनारस में बेच दिया जाता है। सबसे बड़ी ताज्जुब की बात है कि थाना के एक किलोमीटर की दुरी पर चल रहे धंधे पर पूलिस चुप्पी साधे रहती है। जब इस बाबत रामगढ़ एसपी को फोन किया गया तो कई कौल करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया जिसके बाद बोकारो आई जी को फोन किया गया तब उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए करवाई की और तब जाकर पूलिस हरक्कत मे आई। पूलिस के आने के ठीक 10 मिनट पहले यहाँ कोयला लोड करने वाली ट्रक तेज रफ़्तार के साथ निकल जाती है, पूरा अवैध कोयले का यह मंडी अँधेरे मे तब्दील हो जाता है और सब नौ दो ग्यारह हो जाते है। अब देखने वाली बात होंगी की इस पुरे मामले मे पूलिस कप्तान क्या करवाई करते है।

