Desk:वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर केन्द्र सरकार ने 8 सदस्यीय कमिटी का गठन कर दिया। इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई। समिति का अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को बनाया गया है। इसके साथ ही जिन लोगों को कमिटी में शामिल किया गया है उनमें गृह मंत्री अमित शाह,लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, पूर्व कांग्रेसी नेतागुलाम नबी आजाद,भूतपूर्व अध्यक्ष15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रहेएन के सिंह,पूर्व लोकसभा महासचिवसुभाष सी कश्यप,वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी का नाम शामिल है।


केन्द्र सरकार की ओर से 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। संसद के इस विशेष सत्र में कुल पांच बैठकें होगीं। माना जा रहा है कि इस दौरान सरकार वन नेशन वन इलेक्शन के साथ ही समान नागरिक संहिता और महिला आरक्षण बिल भी पेश कर सकती है।जिसको लेकर देश की राजनीतिक एकबार फिर गर्म हो गई है। जेडीयू-आरजेडी, कांग्रेस समेत कई अन्य दल इतनी जल्दबाजी में इस बिल को लाने को लेकर हमलावर है। पिछले दिनों ही मुंबई में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में मल्लिकाअर्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को घेरने का काम किया था।


इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केन्द्र सरकार द्वारा आनन फानन में वन नेशन वन इलेक्शन की बात करने पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि विपक्ष की बैठक के बाद बीजेपी में बेचैनी बढ़ गई है। आनन-फानन में कई ऐसे फैसले लिए जा रहे है। बीजेपी जान चुकी है कि 2024 में उनका सफाया होने वाला है । इस कारण तरह-तरह का उपाय कर रही है।

बता दें कि वन नेशन वन इलेक्शन का सीधा मतलब है कि देश में होने वाले सारे चुनाव एक साथ करा लिए जाएं। इस लिहाज से इस समिति का एलान इस ओर बढ़ाया गया एक और कदम माना जा रहा है।