रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज दो महान विभूतियों की जयंती पर उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है किवो मुझ पर पत्थर और कीचड़ फेंकते रहे, मैं गरीब, वंचित और शोषित बेटियों को पढ़ाती रही.


~ सावित्रीबाई फुले

सीएम ने कहा कि देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी के अथक संघर्ष को सम्मान देते हुए झारखण्ड सरकार ने राज्य की लाखों बेटियों को अधिकार देते हुए उन्हें सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने का काम किया है.बेटियां पढ़ेंगी तो समाज आगे बढ़ेगा.

आप लोग आदिवासियों को लोकतंत्र नहीं सीखा सकते,बल्कि आपको समानता और सह अस्तित्व उनसे ही सीखना होगा.

~मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड की माटी के लाल, महान नेता और हॉकी खिलाड़ी, संविधान सभा के सदस्य मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा हमेशा आदिवासी और शोषित समाज के हक-अधिकार के लिए लड़ते रहे. मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत झारखण्ड सरकार ने राज्य के वंचित वर्ग के 50 युवाओं को सरकारी खर्चे पर विदेश में उच्च शिक्षा हेतु भेजने का काम किया है. शिक्षा की क्रांति से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है.


शोषित और वंचित समाज को हक-अधिकार दिलाने के लिए जीवनपर्यन्त संघर्ष करने वाले आज देश की दो महान विभूतियों की जयंती पर शत-शत नमन.

कहा, वो मुझ पर पत्थर और कीचड़ फेंकते रहे,  मैं गरीब, वंचित और शोषित बेटियों को पढ़ाती रही