सीएम हेमंत ने पीएम को लिखा पत्र : छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग,केंद्र से सहयोग का अनुरोध
रांची:झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. सीएम ने राज्य के अनुसूचित जनजाति,अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से बताया कि साल 2021-22 के बाद अल्पसंख्यकों के लिए कोई भी राशि केंद्र सरकार से नहीं मिल रही है, इसे दोबारा शुरू किया जाए.

मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2024-25 में राज्य द्वारा प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 66.14 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन केंद्र से सिर्फ 12.61 करोड़ ही मिले. साल 2025-26 में 45.91 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन सिर्फ 3.95 करोड़ रुपये मिले.हेमंत सोरेन ने पत्र में लिखा है कि राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा क्रमशः 23.78 और 32.70 करोड़ की राशि नेशनल एलोकेशन के रूप में स्वीकृत की गई थी.यह राशि झारखंड जैसे राज्य के लिए बहुत कम है,इसलिए इस राशि में बढ़ोतरी की जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लिए प्री मैट्रिक स्तर पर छात्रवृत्ति की रकम में भिन्नता है. यह क्रमशः 3000, 3500 और 4000 रुपये प्रति छात्र है. इस दर से भी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित दर अन्य की तुलना में कम है.
केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े एवं विकासशील राज्यों को छात्रवृत्ति योजनाओं विशेष कर पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में अधिक केंद्रीय अनुसंधान का प्रावधान किये जाने पर शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति की जा सके.





