बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने वित्तरहित शिक्षा नीति की समाप्ति के बाद अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि निर्दिष्ट मापदंड पूरा करने वाले स्थापना अनुमति और प्रस्वीकृति प्राप्त अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बकाया अनुदान के भुगतान में खर्च की जाएगी।
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार,माध्यमिक विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2019-20 तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंटर महाविद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2017-19 के लिए सहायक अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत पात्र विद्यालयों को निर्धारित प्रक्रिया और दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
विभाग ने बताया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के बकाया अनुदान के भुगतान के लिए कुल 17,887 करोड़ 12 लाख 37 हजार रुपये की मांग की गई है। समिति के मांग पत्र के आधार पर फिलहाल स्वीकृत 300 करोड़ रुपये से संबंधित सत्रों के बकाया अनुदान का भुगतान किया जाएगा।
स्वीकृत राशि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पीएल खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विद्यालयों के बैंक खातों के माध्यम से राशि का भुगतान होगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित विद्यालयों में स्वीकृत पदों के तहत नियुक्त शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवाशर्त तथा वेतन भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित समिति की होगी।
शिक्षा विभाग के इस आदेश को मुख्यमंत्री की मंजूरी प्राप्त है। विभाग ने राशि की निकासी और खर्च के लिए वित्त विभाग के निर्धारित नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट

