सहरसा : जिले में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी है. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. खासकर गेहूं और मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं.
बताया जा रहा है कि चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हुई फसल देखते ही देखते जमीन पर बिछ गई. मक्का के पौधे टूटकर गिर गए,वहीं गेहूं की फसल भी आधे से ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई है.
ईद के दिन जहां एक ओर खुशियों का माहौल होना चाहिए था,वहीं दूसरी ओर किसान अपने खेतों में पहुंचकर फसल की बर्बादी देख फूट-फूट कर रोने लगे. कई किसानों का कहना है कि उनकी पूरी पूंजी इस फसल में लगी थी,जो अब बर्बाद हो चुकी है.
जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ नवहट्टा प्रखंड के हाटी पंचायत,बरियाही और केदली पंचायत में व्यापक नुकसान देखने को मिला है. खेतों का जायजा लेने पहुंचे सहरसा जिला परिषद उपाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव भी स्थिति देखकर हैरान रह गए. उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है.
किसानों ने भी बिहार सरकार और कृषि मंत्री से गुहार लगाई है कि इस प्राकृतिक आपदा को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों को फसल क्षति घोषित कर त्वरित मुआवजा दिया जाए,ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके.
फिलहाल,पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है और किसान अपने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.
सहरसा से शशि मिश्रा की रिपोर्ट--
