भुवनेश्वर: जानी-मानी आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने मंगलवार कोKIIT औरKISS के कैंपस का दौरा किया. उन्होंने संस्थान को'असाधारण' बताया और कहा कि इसमें सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता समाहित है.

उन्होंने छात्राओं को आशीर्वाद दिया और कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं. हालांकि, शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापितKISS देश का एक असाधारण संस्थान है.

उन्होंने कहा, "यहां आकर मुझे इतनी खुशी हुई है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.KISS में सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता समाहित है."

KIIT औरKISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के काम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, "KISS एक व्यक्ति के समर्पण और तपस्या को दर्शाता है. आज मैंने यहां देखा है कि तपस्या, कड़ी मेहनत और समर्पण का असल अर्थ क्या होता है."

KISS में बच्चों के अनुशासन और मूल्यों को देखकर उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि "यही असली भारत है." उन्होंने कहा किKISS के छात्रों को गर्व महसूस करना चाहिए क्योंकि वे डॉ. सामंत के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि लोगों को केवल सलाह देने के बजाय दूसरों की मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा, "यहां बच्चों को न केवल आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाया जाता है, बल्कि आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया जाता है. कोई व्यक्ति तभी आत्म-सम्मान के साथ जी सकता है जब वह आत्मनिर्भर हो."

डॉ. सामंत ने स्वागत भाषण दिया, जबकि KISS के वाइस चांसलर प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. जाने-माने शिक्षाविद अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया.