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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा खेल, किशनगंज पुलिस ने पटना से दो को दबोचा
किशनगंज: विदेश में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर सीमांचल के बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने और अवैध तरीके से विदेश भेजने के मामले में किशनगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से पटना में छापेमारी कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्णिया जिले के रौटा निवासी हाजी नाहिद गनी और अनगढ़ निवासी मोहम्मद तवरेज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। आरोप है कि हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और ताइबा इंटरनेशनल टूर एंड ट्रैवल्स के माध्यम से युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने एसटीएफ की मदद से दोनों आरोपितों को पटना से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, हाजी नाहिद गनी के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले में विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
मामले में एसडीपीओ खुसरु सिराज ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
दुबई,सऊदी अरब,थाईलैंड और मलेशिया में नौकरी का दिया जाता था प्रलोभन
पुलिस के अनुसार, आरोपितों पर सीमांचल के हजारों बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने का आरोप है। युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस को आशंका है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए मलेशिया में सक्रिय एजेंटों के साथ मिलकर युवाओं को डंकी रूट से अवैध तरीके से विदेश भेजा जाता था। विदेश पहुंचने के बाद कुछ युवाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध दूसरे कामों में लगाए जाने और उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवाओं को विदेश भेजने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और इस कथित नेटवर्क का संचालन किन-किन स्थानों से किया जा रहा था।
नूरजफर को थाईलैंड भेजने के नाम पर लिए गए थे1.80लाख रुपये
विशनपुर थाना में दर्ज कांड संख्या47/26 में विदेश भेजने के नाम पर रकम लेने से जुड़ा एक मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र नूरजफर को विदेश भेजने के लिए1 लाख80 हजार रुपये लिए गए थे।
शिकायत के मुताबिक, 9 सितंबर2026 को नूरजफर को पटना से दिल्ली और फिर दिल्ली से थाईलैंड के क्राबी भेजा गया। इसके बाद18 सितंबर को उसे कथित तौर पर डंकी रूट के माध्यम से अवैध तरीके से मलेशिया में प्रवेश कराया गया।
एसडीपीओ खुसरु सिराज के अनुसार, मलेशिया पहुंचने के बाद नूरजफर को कई अन्य युवकों के साथ एक कमरे में बंद कर दिया गया। बाद में उसे जोहोर स्थित बायोसीन एसडीएन बीएचडी नामक कंपनी में काम पर लगाया गया। पुलिस इन आरोपों और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।
इमिग्रेशन की छापेमारी के दौरान कई युवक पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई युवकों को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान नूरजफर जंगल में छिपकर गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा। इसके बाद वह स्थानीय एजेंट की मदद से भारत लौट आया।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूलने, युवाओं को कथित तौर पर अवैध तरीके से दूसरे देश में प्रवेश कराने और वहां उनके साथ किए गए व्यवहार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य इस पूरे मामले में शामिल लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान करना है।
कोचाधामन,बहादुरगंज और पूर्णिया में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपितों से जुड़े मामलों का उल्लेख कोचाधामन, बहादुरगंज, विशनपुर और पूर्णिया जिले के रौटा थाना में दर्ज कांडों के रूप में किया गया है। इन मामलों में धोखाधड़ी, मानव तस्करी से जुड़े आरोपों और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की भी होगी जांच
एसडीपीओ खुसरु सिराज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही, कथित अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाने और नियमानुसार उसे जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपितों की पहचान करने के साथ ही पूरे नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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