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ट्रांसपोर्ट नगर जमीन अधिग्रहण में 2.25 करोड़ की वसूली! भू-अर्जन कार्यालय के कर्मियों और दलालों पर गंभीर आरोप
सुकुरहुटू में73डिसमिल जमीन अधिग्रहण के बदले मिले4.50करोड़ के मुआवजे में आधी रकम हड़पने का आरोप, DCमंजूनाथ भजंत्री नेFIRदर्ज करने का दिया निर्देश
रांची: राजधानी रांची में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन मालिकों को मिले करोड़ों रुपये के मुआवजे में से करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये दलालों के माध्यम से वसूल लिए गए। मामले में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारियों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। वहीं, आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
4.50करोड़ के मुआवजे में2.25करोड़ की कथित वसूली
पूरा मामला रांची के सुकुरहुटू में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, यहां दो खातों के माध्यम से कुल 73 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले संबंधित जमीन मालिकों को करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा भुगतान किया गया।हालांकि, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुआवजे की कुल राशि में से करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये कथित तौर पर रिश्वत और वसूली के नाम पर दलालों के माध्यम से लिए गए।
जमीन कारोबारी नुरूल होदा का नाम आया सामने
इस मामले में कांके के जमीन कारोबारी और कथित बिचौलिये नुरूल होदा का नाम सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, नुरूल होदा के एसबीआई कांके ब्लॉक शाखा स्थित बैंक खाते में 2 करोड़ 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।अब जांच का विषय यह है कि इतनी बड़ी रकम किस परिस्थिति में और किन लोगों के माध्यम से खाते में पहुंची। इस लेनदेन में किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारियों पर भी लगे आरोप
आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली ने इस पूरे मामले को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से शिकायत की है। शिकायत में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कर्मी नजीर, अमित कुमार गुप्ता, अमीन राज कुमार महतो और लाल साहब पर रुपये लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं में मोतीलाल पाहन, तेतरी देवी, झनकु पाहन और चन्दुर पाहन के नाम शामिल हैं। शिकायत में विशेष रूप से चन्दुर पाहन के दृष्टिबाधित होने का उल्लेख करते हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं।
DCनेFIRदर्ज करने का दिया निर्देश,बैंक खाते भी फ्रीज
शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच में बैंक खातों के लेनदेन, मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया और कथित बिचौलियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अब जांच के दायरे में कौन-कौन आएगा?
इस पूरे मामले ने जिला भू-अर्जन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की इतनी बड़ी रकम कथित तौर पर बिचौलियों तक कैसे पहुंची? क्या इस पूरे मामले में सिर्फ बिचौलियों की भूमिका थी या सरकारी कार्यालय के भीतर भी कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था? फिलहाल शिकायत के आधार पर प्रशासन ने पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वसूली के इस मामले में कौन-कौन शामिल है और मुआवजे की रकम का वास्तविक लेनदेन कैसे हुआ।
रांची से नैयर की रिपोर्ट
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