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थावे दुर्गा मंदिर चोरीकांड में 5 दोषियों को सजा, एसपी ने SIT और DIU टीम के बेहतर काम को सराहा
गोपालगंज : बिहार के गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में चोरी मामले में अदालत के फैसले के बाद पुलिस की जांच और अनुसंधान टीम की कार्यशैली भी चर्चा में है. करीब 11 महीने पहले मंदिर के गर्भगृह से मां भवानी का सोने का मुकुट, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान की चोरी हुई थी. मामले में पुलिस ने विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की थी. करीब 45 दिनों तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने और हजारों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने 27 जनवरी को मामले का खुलासा किया था. पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया. अब अदालत ने चार दोषियों को सात-सात साल और एक दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है.
मामले में एसपी विनय तिवारी ने इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों और अभियोजन टीम के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है.
गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि17दिसंबर2025की रात थावे दुर्गा मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर मां का सोने का मुकुट,सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान की चोरी हुई थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था. तत्कालीन एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी और जिला सूचना इकाई यानी डीआईयू की टीम ने जांच शुरू की.
एसपी के मुताबिक,जांच टीम ने लगातार करीब45दिनों तक मंदिर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसके साथ ही हजारोंमोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया. कड़ी मेहनत और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर27जनवरी को चोरीकांड का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने चोरी किए गए सामान कीबरामदगी भी कर ली थी.
इस मामले में अनुसंधानकर्ता कर्मवीर सिंह,डीआईयू टीम के सदस्यों हरेंद्र और राजमुन्ना समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं,अभियोजन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने के लिए जिला अभियोजन पदाधिकारी विजय कुमार मिश्रा,एपीओ शुभम कुमार और अन्य संबंधितअधिकारियों ने भी काम किया. मंदिर के मुख्य पुजारी संजय पांडेय ने अदालत में बरामद आभूषणों की पहचान की. अनुसंधानकर्ता के साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत में मामले की सुनवाई आगे बढ़ी.
एसपी विनय तिवारी ने बताया कि इस मामले में करीब आठ महीने तक स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किया गया. अदालत ने चार दोषियों को सात-सात साल की कैद और10-10हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई,जबकि एक अन्य दोषी को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई.
एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले के उद्भेदन,अनुसंधान और अभियोजन में शामिल पुलिसकर्मियों तथा संबंधित टीम के सदस्यों को उनके बेहतर कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया है.
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट
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