Live

श्री राधा जन्म महोत्सव 19 सितंबर को

पटना के गौड़ीय मठ में होंगे विशेष कीर्तन, कथा, अभिषेक और दुर्लभ चरण-दर्शन

M
MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना:भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रियतमा एवं प्रेम-भक्ति की आराध्या श्रीराधारानी के पावन प्राकट्य दिवस श्री राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार,19 सितंबर 2026 को श्री गौड़ीय मठ मंदिर,मिठापुर,पटना में श्री राधा जन्म महोत्सव श्रद्धा,भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा. गौड़ीय वैष्णव परंपरा में श्रीराधारानी को भगवान श्रीकृष्ण की परम आह्लादिनी शक्ति तथा प्रेम,करुणा एवं भक्ति की अधिष्ठात्री माना गया है.

महोत्सव के अवसर पर प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रीराधारानी की महिमा का विशेष कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे. इस दौरान श्री राधा स्तोत्र,मंगल गान,श्री राधा सहस्रनाम पाठ,श्री राधा स्तव तथा श्री राधा जन्म-बधाई कीर्तन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

प्रातः 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भक्ति-रस में भक्ति रसमय रस सार महाराज जी द्वारा श्री राधा तत्त्व एवं श्रीराधारानी की दिव्य जन्म-लीला पर विशेष कथा का श्रवण कराया जाएगा.

इसके पश्चात प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक श्रीराधारानी का विशेष अभिषेक,दिव्य श्रृंगार एवं आवाहन किया जाएगा तथा 56 प्रकार के भोग का निवेदन किया जाएगा. इसके बाद महाआरती होगी.

वर्ष में एक बार होते हैं श्रीराधारानी के चरण-दर्शन

राधाष्टमी महोत्सव का विशेष आकर्षण दोपहर 1 बजे श्रीराधारानी के श्रीचरण-कमलों का दुर्लभ दर्शन होगा. गौड़ीय वैष्णव परंपरा में इस चरण-दर्शन को अत्यंत मंगलमय एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. श्री गौड़ीय मठ की परंपरा के अनुसार भक्तों को यह विशेष चरण-दर्शन वर्ष में केवल एक बार,श्री राधाष्टमी के दिन प्राप्त होता है.

भक्ति रसमय रस सार महाराज जी ने श्रीराधारानी के चरण-दर्शन के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीराधारानी के चरण-कमल भक्त के लिए शरणागति,विनम्रता एवं सेवा-भाव के परम आश्रय हैं. उनके चरणों का दर्शन केवल बाहरी धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि अपने अहंकार को त्यागकर श्रीराधारानी की कृपा एवं श्रीकृष्ण-प्रेम की प्रार्थना करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि श्रीराधारानी की कृपा से भक्त के हृदय में शुद्ध भक्ति,सेवा-भाव एवं श्रीकृष्ण-प्रेम का उदय होता है. राधाष्टमी के दिन प्राप्त होने वाला यह दुर्लभ चरण-दर्शन भक्तों को श्रीराधारानी की चरण-शरणागति एवं प्रेम-भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

चरण-दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच फलाहार प्रसाद का वितरण किया जाएगा. मठ की ओर से समस्त गौड़ीय वैष्णव भक्तों,श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से अपने परिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित महोत्सव में सम्मिलित होने का आग्रह किया गया है.

20 से 26 सितंबर तक सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा

श्री राधाष्टमी महोत्सव के पश्चात 20 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक श्री गौड़ीय मठ,मिठापुर,पटना में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा होगी. इस दौरान श्रद्धालु श्रीहरि की भक्ति,श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश एवं भगवान की विविध दिव्य लीलाओं का श्रवण कर सकेंगे.

मठ प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से राधाष्टमी महोत्सव सहित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हरिनाम संकीर्तन,कथा-श्रवण एवं श्रीराधारानी के दुर्लभ चरण-दर्शन का लाभ लेने का आह्वान किया है.

पटना से अंकिता की रिपोर्ट--

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें