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सहरसा में एक ही जमीन पर दो-दो दाखिल खारिज

आपत्ति दर्ज करने के बाद भी पीड़ित को अब तक नहीं मिला न्याय

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MADAN KISHORE JHAलेखक

सहरसा: जिले के नवहट्टा अंचल से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है,जहां एक ही चौहद्दी की जमीन पर दो-दो दाखिल-खारिज होने का आरोप लगा है. पीड़ित अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं.

मामला नवहट्टा अंचल के नारायणपुर निवासी सोभाकांत यादव के पुत्र रणवीर कुमार से जुड़ा है. रणवीर कुमार का आरोप है कि उनकी अपनी जमीन का दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कर दिया गया,जबकि उन्होंने समय रहते इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी.

रणवीर कुमार के अनुसार,उन्होंने एक बार ऑनलाइन और तीन बार ऑफलाइन आपत्ति आवेदन दिया. इसके बाद अंचल अधिकारी द्वारा उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया,जहां उनसे लिखित आवेदन देने को कहा गया और आश्वासन दिया गया कि दाखिल-खारिज को रद्द कर दिया जाएगा.

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने निर्देशानुसार लिखित आवेदन भी दिया,लेकिन उसके बाद अंचल कार्यालय में हड़ताल शुरू हो गई और मामला लंबित रह गया.

जब लंबे समय तक कोई समाधान नहीं हुआ,तो रणवीर कुमार ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई. उनका दावा है कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि गलत तरीके से दाखिल-खारिज नहीं किया जाएगा.

इसके बावजूद,रणवीर कुमार का आरोप है कि 25 तारीख को जब उन्होंने ऑनलाइन स्थिति जांची,तो जमीन का दाखिल-खारिज खारिज दिखाया गया. पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी द्वारा आर्थिक लेन-देन के आधार पर यह कार्रवाई की गई. उनका कहना है कि उनसे भी जमीन के एक हिस्से के बदले पैसे की मांग की गई थी,जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया,जिसके बाद उनका मामला खारिज कर दिया गया.

वहीं,इस पूरे मामले पर जब संबंधित राजस्व अधिकारी से प्रतिक्रिया ली गई,तो उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है.

अब सवाल यह उठता है कि एक ही जमीन पर दो दाखिल-खारिज कैसे हो गया?और जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

सहरसा से शशि मिश्रा की रिपोर्ट--

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