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रांची में ‘वॉयस ऑफ चेंज’ समिट: 150 से अधिक बाल पत्रकारों ने उठाई अधिकारों की आवाज, राज्यपाल ने की पहल की सराहना
रांची:बच्चों की आवाज को समाज तक पहुंचाने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजधानी रांची में ‘वॉयस ऑफ चेंज’ बाल पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। यूनिसेफ झारखंड ने नवभारत जागृति केंद्र (एनबीजेके) के सहयोग से इस समिट का आयोजन किया,जिसमें रांची जिले के सात प्रखंडों के150से अधिक बाल पत्रकारों ने भाग लिया। बच्चों ने अपनी कला,रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के माध्यम से बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखा।
बच्चों ने उठाए स्वास्थ्य,शिक्षा और संरक्षण के मुद्दे
समिट में बाल पत्रकारों ने सभी बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपने आसपास की समस्याओं को समझ सकें और अपनी बात समाज के सामने रख सकें।
बाल पत्रकारों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि बच्चों को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे सामाजिक समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बाल पत्रकारों का आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल: राज्यपाल
कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बाल पत्रकार पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उन्हें समाज के सामने लाने का अवसर देती है।
राज्यपाल के अनुसार, बच्चों की आवाज उन मुद्दों को सामने ला सकती है, जिन्हें कई बार समाज में उचित मंच नहीं मिल पाता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को सही अवसर,सहयोग और नेतृत्व का मंच दिया जाए, तो वे अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।
हर जिले और स्कूल तक पहुंचे बाल पत्रकार पहल
राज्यपाल ने बाल पत्रकार पहल को हर जिले और हर स्कूल तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों के सामने आने वाली अन्य चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मददगार हो सकती है।
इस तरह के मंच बच्चों को न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाते हैं, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
कई प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
‘वॉयस ऑफ चेंज’ समिट में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अलावा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनीनिका मित्र और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से बाल अधिकारों की रक्षा, बच्चों की भागीदारी और उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने लाने की जरूरत को रेखांकित किया गया।
‘वॉयस ऑफ चेंज’ समिट का संदेश स्पष्ट रहा—बच्चों को केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि उनकी आवाज को समाज में बदलाव का माध्यम बनाने वाला मंच भी मिलना चाहिए।
रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
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