BIHAR NEWS
पुलिस से बचने के लिए गंडक नदी में कूदा युवक, डूबने से मौत; परिजनों ने लगाया पुलिस पर आरोप
चार घंटे तक सड़क जाम कर ग्रामीणों ने किया हंगामा,पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग;अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
बेगूसराय:बिहार के बेगूसराय में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक युवक की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव की है। मृतक की पहचान वार्ड नंबर-2निवासी रामजतन यादव के28वर्षीय पुत्र धिरेंद्र यादव उर्फ धारो यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक के नदी में कूदने के बाद पुलिस ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे युवक को बचाने के लिए आगे बढ़े,तो पुलिस ने राइफल तानकर उन्हें रोक दिया। हालांकि,इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस को देखकर भागा युवक,नदी में लगा दी छलांग
मिली जानकारी के अनुसार,रविवार शाम डंडारी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फायरिंग के एक मामले में आरोपी धारो यादव राजोपुर गांव में बांध किनारे मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि पुलिस को अपनी ओर आते देख धारो यादव भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया,इसी दौरान उसने पास से बह रही बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। नदी में कूदने के बाद वह गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया और कुछ ही देर में दिखाई देना बंद हो गया।
दो घंटे बाद नदी से निकाला गया शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे की तलाश के बाद युवक का शव नदी से निकाला गया।
परिजनों का आरोप है कि युवक के नदी में कूदने के बाद पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। उनका दावा है कि ग्रामीण जब उसे बचाने के लिए आगे बढ़े,तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर राइफल तानकर उन्हें रोक दिया और गोली मारने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि समय रहते बचाव का प्रयास किया जाता,तो युवक की जान बच सकती थी।
इन आरोपों की जांच होनी बाकी है। फिलहाल,घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया।
शव बांध पर रखकर चार घंटे तक सड़क जाम
युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने शव को कटरमाला बांध पर रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलने पर बलिया के एसडीओ अजय कुमार,डीएसपी सुबोध कुमार,डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने जांच और मुआवजे का दिया भरोसा
इस मामले में बलिया के एसडीओ और डीएसपी ने बताया कि युवक की पानी में डूबने से मौत होने की सूचना मिली थी। अधिकारियों के मुताबिक,परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार मिलने वाले सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
फायरिंग के मामले में गिरफ्तारी करने पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार,मृतक धारो यादव के खिलाफ कई मामले दर्ज थे और पुलिस उसे फायरिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। वहीं,परिजनों का कहना है कि घटना के समय वह बांध किनारे बैठा था और पुलिस को देखकर भागने के दौरान नदी में कूद गया।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका और बचाव के प्रयासों को लेकर उठे सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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