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पटना में बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की 77वीं वार्षिक आम सभा का हुआ आयोजन

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MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना : बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की 77वीं वार्षिक आम सभा का आयोजन होटल सी.पी. पैलेस एक्जीबिशन रोड, पटना में दिनांक 21 सितंबर को किया गया. कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे ने की. इस अवसर पर बिहार विधानसभा के सदस्य जितेंद्र कुमार एवं रजनीश कुमार,सचिव सहकारिता विभाग धर्मेंद्र सिंह, एनसीसीएफ सह बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह, अपर निबंधक (साख) सह प्रबंध निदेशक वेजफेड मनोज कुमार सिहं एवं बैंक के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि,निदेशक मंडल के सदस्य,शेयरधारक,अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम,राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन, प्रबंध निदेशक का वार्षिक प्रतिवेदन,शेयर प्रमाण पत्र वितरण एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, आरा,जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, गोपालगंज एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंक,बेगूसराय को प्रशंसा-पत्र/पुरस्कार वितरण किया गया.

बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे ने बैंक की प्रगति,उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बैंक ने वित्तीय अनुशासन ,गुणवत्तापूर्ण ऋण वितरण एवं एनपीए प्रबंधन की दिशामें महत्वपूर्ण प्रगति की है. तकनीकी आधुनिकीकरण के तहतCBSकोFinacle 7-0 Finacle10 में अपग्रेड किया गया है. जिससे आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार में सुविधा होगी. उन्होंनेPACSके सशक्तिकरण,ग्रामीण वित्तीय समावेशन तथा कि सानों को बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई.

प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक का सकल जमा 2298 करोड़ रुपये से बढ़कर 2514 करोड़ रुपये तथा ऋण/अग्रिम 5278.25 करोड़ रुपये से बढ़कर 6334.19 करोड़ हुआ. बैंक ने 21.93 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया. ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए 45.753 नए खाते खोले गए.

बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह नेPACSको सशक्त बनाने के लिए अधिप्राप्ति कार्य में भुगतान में होने वाले विलंब से उत्पन्न अतिरिक्त ब्याज भार को कम करने तथा राज्य स्तर पर रिवोल्विंग फंड की व्यवस्था करने का सुझाव दिया. उन्होंने कुछDCCBSकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं पुनर्संरचना तथा अधिप्राप्ति से भुगतान तक की प्रक्रिया कीSystematic Time Mappingकर स्थायी समाधान विकसित करने पर जोर दिया.

वहीं विधानसभा के सदस्य जितेंद्र कुमार ने अधिप्राप्ति कार्य में भुगतान में विलंब, गोदाम एवंFRKकी समस्या तथाCMRजमा करने में देरी के कारणPACSएवंDCCBSपर पड़ रहे वित्तीय दबाव का विषय उठाया.

सहकारिता मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य सहकारी बैंक वर्ष 1914 से राज्य की सहकारी ऋण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रहा हैऔर आज 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के साथ सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. उन्होंने सभी सहकारी बैंकों में जमा वृद्धि को प्राथमिकता देने, ऋण वितरण में गुणवत्ता एवं सावधानी बरतने तथा एनपीए एवं बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली सुनिश्तिच करने पर जोर दिया. उन्होंने कृषि के साथ डेयरी,मत्स्य,खाद्य प्रसंस्करण ,भंडारण,FPO,SHG,JLGएवं अन्य ग्रामीण उद्यमों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा पीएसीएस को बहुउद्देशीय ग्रामीण आर्थिक संस्थाओं के रुप में विकसित करने की आवश्यकता बताई.

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