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पटना HC ने ठेकेदारों को दी राहत, खनन पट्टाधारकों पर अधिक समय का लगातार ब्याज थोपने वाले प्रशासनिक आदेशों और एकल पीठ के फैसले किया रद्द
Patna : पटना हाइकोर्ट ने खनन एवं भूतत्व विभाग की मनमानी और नियमों से परे जाकर असीमित ब्याज वसूलने की कोशिश पर कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदारों के हित में एक बड़ा निर्णय सुनाया है. जस्टिस विवेक चौधरी एवं जस्टिस राणा विक्रम सिंह ने खनन पट्टाधारकों पर दो महीने से अधिक समय का लगातार ब्याज थोप देने वाले प्रशासनिक आदेशों और एकल पीठ के फैसले को रद्द कर दिया है.
मेसर्स महादेव इंकलेव प्राइवेट लिमिटेड और सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे पट्टाधारकों को खनन किस्तों के भुगतान में देरी के चलते खनन विभाग ने नियम52(5) के अंतर्गत न केवल किस्तों पर ब्याज वसूला,बल्कि दो महीने की समयावधि बीत जाने के बाद भी अनिश्चितकाल तक भारी ब्याज की मांग जारी रखी.
जब पट्टाधारकों ने इसके खिलाफ अपील की,तो पहले सिंगल जज ने विभाग की इस वसूली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद मामला लेटर्स पेटेंट अपील के जरिए डिवीज़न बेंच के पास पहुंचा. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कानून की बारीकियों को रेखांकित करते हुए विभाग के रवैये पर तीखी और स्पष्ट टिप्पणियां कीं.
कोर्ट ने कहा नियमावली में मनगढ़ंत नियम जोड़ने की इजाजत नहीं है. नियम52(5)में दिए गए शब्द दो महीने तक को आकस्मिक या अर्थहीन नहीं माना जा सकता. दो महीने के बाद केवल लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश है. यदि ब्याज को अनिश्चित काल तक जारी रखने की अनुमति दी गई,तो यह कानून में ऐसी बात जोड़ने जैसा होगा जो उसमें लिखी ही नहीं है.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून से वसूली नहीं की जा सकती है.
विभागीय अधिकारी कानून की सीमा से बाहर जाकर दो महीने की अवधि के बाद भी अनवरत ब्याज की मांग जारी नहीं रख सकते. नियमों का ढांचा स्पष्ट तौर पर दो महीने का ब्याज और उसके बाद पट्टा रद्द करने की कार्रवाई तय करता है,न कि दोहरी और अनंत वित्तीय देनदारी.
खंडपीठ ने सिंगल बेंच के04.02.2025के उस आदेश को रद्द कर दिया,जिसने इस मनमाने ब्याज वसूली को बरकरार रखा था. वसूली के आदेश को रद्द कर दिया गया. खनन विभाग द्वारा जारी14.09.2023के आदेशों तथा दो महीने के बाद के सभी अतिरिक्त ब्याज की मांग को रद्द कर दिया गया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पट्टाधारकों को मूल बकाया किस्त और शुरुआती दो महीनों का ब्याज हर हाल में देना होगा,जिसे बदला नहीं गया है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--
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