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पटना HC ने पहलवान हत्याकांड के आरोपी कारीगर की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा, आपराधिक अपील किया खारिज
Patna : पटना हाईकोर्ट ने शीतला माता मंदिर के सामने मां शीतला स्वीट मिठाई दुकान के मालिक कृष्ण प्रसाद उर्फ पहलवान हत्याकांड के आरोपी कारीगर की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए आपराधिक अपील को खारिज कर दिया.जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया.
ये मामला अगमकुआं थाना कांड संख्या 396/2017 से जुड़ा है.मृतक कृष्ण प्रसाद शीतला माता मंदिर के सामने मां शीतला स्वीट नाम से दुकान चलाते थे.दुकान में काम करने वाले कारीगर रवि कुमार उर्फ सिंघरवा उर्फ सिंघारा 10 साल तक उनकी दुकान में सिंघाड़ा और लिट्टी बनाने का काम करता था.
25 अगस्त,2017 को शाम में मृतक जब दाढ़ी बनवाकर लौट रहा था,तो आरोपी की जेब में पिस्तौल देखी और डांटा.इससे नाराज होकर आरोपी ने दुकान से 50 गज दूर मृतक को पीछे से गोली मार दी.इसके बाद इलाज के दौरान दो दिन बाद उसकी मौत हो गई.
ट्रायल कोर्ट ने 29 जून को दोषी करार देते हुए हुए उम्रकैद की सजा दी. साथ ही 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. दोषी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कोई भी विश्वसनीय प्रत्यक्षदर्शी नहीं है. गवाह रिश्तेदार हैं. मौखिक डाइंग डिक्लेरेशन सुनी-सुनाई है. हत्या में शामिल हथियार बरामद नहीं हुआ और घटना के तारीख में अगस्त-अक्टूबर की विसंगति है.
वहीं सरकार की ओर से अपील का विरोध करते हुए कहा गया कि गवाह प्रेम कुमार घटना का स्वाभाविक प्रत्यक्षदर्शी है. उसने गोली मारते देखा. अन्य गवाह दिलीप गुप्ता और सुधीर कामती तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को भागते देखा. चार गवाहों के समक्ष मृतक ने होश में आरोपी का नाम लिया था.
कोर्ट ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी,भागने की परिस्थिति,चारों गवाहों के एक समान मृत्यु पूर्व बयान और मेडिकल साक्ष्य से दोष साबित होता है. हथियार बरामद न होना और छोटी विसंगतियां से केस कमजोर नहीं हो सकता. कोर्ट ने अपील को रद्द करते हुए सजा बरकरार रखी.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
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