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नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की हो रही पूजा, हाजीपुर के इस मंदिर में मांगने से मन्नत होती है पूरी
हाजीपुरः शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की जा रही है। इस अवसर पर बिहार के इकलौते मां कालरात्रि मंदिर के रूप में प्रसिद्ध सारण जिले के सोनपुर अंतर्गत नया गांव के डुमरी बुजुर्ग स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहा है।
मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय,दुख और संकटों को दूर करती हैं। उन्हें नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि,शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया है।
कई जिलों से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु
डुमरी बुजुर्ग स्थित मां कालरात्रि मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। माता के दर्शन और मन्नत मांगने के लिए सारण के अलावा वैशाली,पटना,मुजफ्फरपुर और आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भक्त कतारबद्ध होकर माता के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना के बाद सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
नवरात्र की सप्तमी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ क्षेत्र में मां कालरात्रि के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शा रही है।
हाजीपुर से पंकज चौहान की रिपोर्ट
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