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मिलावटखोरों पर सरकार की चौकसी, तीन महीनों में 531 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
पटना : आम लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बाजार में उपलब्ध तमाम खाद्य पदार्थों पर राज्य सरकार के स्तर से खासतौर से चौकसी बरती जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के विशेष निर्देश पर खाद्य सुरक्षा इकाई के स्तर से इस वर्ष 27 अगस्त से खाद्य पदार्थों से जुड़े तमाम तरह के प्रतिष्ठानों की जांच का सिलसिला निरंतर जारी है. अब तक राज्यभर में 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है. इसमें होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, खाद्य निर्माण इकाई, पैकेज पेयजल, होम डिलेवरी से जुड़ी कंपनियों के वेयरहाउस समेत ऐसे अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं. जांच के दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाए जाने वाले 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं. जबकि शेष को अंतिम चेतावनी के तौर पर सुधार करने का नोटिस दिया गया है. संबंधित प्रावधानों के तहत तीन माह तक कारावास एवं 3 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.
राज्यभर में जितने प्रतिष्ठानों पर जो कार्रवाई की गई है, उसमें सर्वाधिक 87 निरीक्षण पटना के प्रतिष्ठानों में किए गए हैं. पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की टीम अब तक अधिकांश होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, डेयरी, फास्ट फूड सेंटर, पैकेज्ड पेयजल इकाइयों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले स्टोर का निरीक्षण कर चुकी है. इस दौरान खराब एवं दुर्गंधयुक्त पनीर, मिठाई, दूध, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और अन्य असुरक्षित उत्पाद जब्त कर नष्ट कराए गए हैं.
पटना जिले में खाद्य संरक्षा विभाग की व्यापक कार्रवाई
पटना के आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर जांच की गई है. संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की जांच की गई. इस दौरान महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर और अन्य प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में पैकेज्ड पेयजल जब्त किए गए हैं. कई इकाइयों में बिना लाइसेंस पानी की पैकेजिंग तथा विभिन्न ब्रांडों के लेबल के इस्तेमाल से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं. विभाग ने संबंधित इकाइयों में उत्पादन एवं संचालन बंद कराने के साथ खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे.
कुछ प्रतिष्ठानों को 14 दिन की मोहलत
पटना के मुख्य होटल एवं रेस्टोरेंट में विशेष जांच अभियान चलाए गए हैं. होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एग्जॉटिका, द पनाश, होटल मौर्या और अन्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की जांच से संबंधित कमियां सामने आई. कुछ स्थानों पर शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखा पाया गया. जबकि, कई प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री मिली. संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया. इसके अतिरिक्त पटना के विभिन्न केएफसी ऑउटलेट, बारबेक्यू नेशन और पिज्जा हट जैसे प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया गया. बुद्ध मार्ग स्थित बारबेक्यू नेशन से 30 किलोग्राम दुर्गंध युक्त पनीर और 4 किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट किए गए. जबकि 15 किलोग्राम पैक्ड चिकन के उपयोग पर रोक लगाई गई. फ्रेजर रोड स्थित बारबेक्यू नेशन में ब्रेड के पैकेट में कीड़े पाए गए और 20 लीटर जला हुआ तेल जब्त कर नष्ट किया गया. बोरिंग कैनाल रोड स्थित केएफसी में औद्योगिक उपयोग के 835 प्लास्टिक गिलासों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई. पिस्ता हाउस में भी कई तरह की कमियां पाई गई थी. सभी प्रमुख मिठाई दुकानों का भी निरीक्षण किया गया है.
इन जिलों में हुई इतनी कार्रवाई
पटना के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी खाद्य संरक्षण विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया. पिछले तीन महीनों के दौरान रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26, वैशाली में 24, मुजफ्फरपुर में 20, भागलपुर एवं पश्चिम चंपारण में 18-18, पूर्णिया में 16, भोजपुर एवं समस्तीपुर में 15-15 तथा दरभंगा एवं पूर्वी चंपारण में 14-14 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. अरवल एवं कैमूर में 13-13, कटिहार में 12, मधुबनी, सहरसा और सीतामढ़ी में 10-10, खगड़िया में 7, सुपौल में 6, बेगूसराय में 5, अररिया, औरंगाबाद, मधेपुरा तथा नालंदा में 4-4 प्रतिष्ठानों की जांच हुई. बांका, बक्सर एवं जहानाबाद में 3-3, जमुई, लखीसराय एवं मुंगेर में 2-2 तथा किशनगंज एवं नवादा में एक-एक प्रतिष्ठान का निरीक्षण हुआ है. वैशाली, मुजफ्फरपुर, सुपौल समेत कुछ अन्य जिलों में पैकेड पेयजल और पनीर समेत अन्य खाद्य समाग्री कई प्रतिष्ठानों से नष्ट की गई है.
आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार का खाद्य संरक्षा विभाग के स्तर से राज्यभर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है. प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन और वैध लाइसेंस की जांच की जा रही है. सभी प्रमुख होटल, रेस्तरां, मिठाई प्रतिष्ठान, खाद्य निर्माण इकाइयां और पैकेज्ड पेयजल से जुड़े कारोबार विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं. आमजन के स्वास्थ की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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