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खेती में 'एग्री-स्टार्टअप' - ड्रैगन फ्रूट के जिस पौधे को लोग समझते थे जंगली, आज वही बना किसान सतवीर सिंह की सफलता का ब्रांड
पटना : बदलाव की शुरुआत हमेशा एक नए आइडिया और जोखिम लेने से होती है, बिल्कुल किसी नए स्टार्टअप की तरह वैशाली जिले के देसरी प्रखंड स्थित रामपुर मधौल गांव के किसान सतवीर सिंह की कहानी भी किसी सफल कृषि उद्यमी से कम नहीं है. उन्होंने वर्ष 2022 में पारंपरिक खेती की लीक से हटकर, ड्रैगन फ्रूट की खेती के रूप में अपना एक नया एग्री-स्टार्टअप शुरू करने का साहस जुटाया.
लोगों के ताने और स्टार्टअप का शुरुआती संघर्ष
किसी भी नए बिज़नेस की तरह सतवीर सिंह को भी शुरुआत में लोगों की शंकाओं और सवालों का सामना करना पड़ा. सतवीर बताते हैं कि जब उन्होंने साल 2022 में इसकी खेती शुरू की थी, तब गांव के लोग इस अनजान पौधे को देखकर तरह-तरह की बातें करते थे. लोगों को लगता था कि उन्होंने बेकार से जंगली सीज (कैक्टस) का पेड़ लगा लिया है.
लेकिन सतवीर ने लोगों के इन तानों से हिम्मत नहीं हारी. उन्हें अपने आइडिया पर पूरा भरोसा था. फिर एक वक्त ऐसा आया जब पौधों में फल आने लगे और लाल रंग का ड्रैगन फ्रूट पक कर तैयार हुआ. तब जाकर लोगों को इसकी असली पहचान मिली और सवाल उठाने वालों की बोलती बंद हो गई. सतवीर के लिए यह सिर्फ खेती का फल नहीं था, बल्कि उनके धैर्य, मेहनत और विश्वास की जीत थी.
प्रोडक्शन में शानदार ग्रोथ और बिज़नेस का विस्तार
एक सफल स्टार्टअप की तरह ही सतवीर सिंह के उत्पादन में भी शानदार ग्रोथ देखने को मिली है. वह बताते हैं कि शुरुआती साल में एक पोल से लगभग 5 किलोग्राम ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन मिला था. आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और अब उनके हर पोल से 20 से 25 किलोग्राम तक फल निकल रहा है.
फिलहाल उनके इस फार्म में 100 पोल पूरी तरह से उत्पादन दे रहे हैं. इस बेहतरीन सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने अब एक एकड़ में अपनी इस उन्नत खेती का विस्तार भी कर लिया है.
सरकार से मिला बेहतर ट्रेनिंग
अपने इस कृषि बिज़नेस मॉडल को बेहतर तरीके से समझने और आगे बढ़ाने के लिए सतवीर सिंह को बिहार सरकार का भी पूरा साथ मिला. आत्मा वैशाली के माध्यम से उन्हें ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती सीखने के लिए किशनगंज में ट्रेनिंग पर भेजा गया. इसके अलावा, वहां से उन्हें नए पौधे भी उपलब्ध कराए गए, जिन्हें उन्होंने अलग से लगाया है.
सतवीर सिंह की यह सफल कहानी उन सभी युवाओं और किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो कुछ नया करने की चाहत तो रखते हैं, लेकिन लोगों की बातों से डर कर पीछे हट जाते हैं. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और खुद के इनोवेशन पर भरोसा हो, तो अनजान रास्ते भी एक दिन सफलता और पहचान का बहुत बड़ा ब्रांड बन सकते हैं.
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