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खड़गे के बयान पर रांची में सियासी घमासान, कांग्रेस भवन का घेराव करेगी बीजेपी
रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर झारखंड की राजधानी रांची में सियासी विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने रांची स्थित कांग्रेस भवन के घेराव का ऐलान किया है। वहीं, कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए बीजेपी नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ खोला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति और उसके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस के नेता लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं।
इसी विरोध के तहत बीजेपी ने रांची में कांग्रेस भवन के घेराव का ऐलान किया है। बीजेपी प्रवक्ता संदीप वर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की जा रही टिप्पणियों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को जनता के बीच भी उठाएगी।
कांग्रेस का पलटवार,बीजेपी के पुराने बयानों का दिया हवाला
दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि दूसरों के बयानों पर सवाल उठाने से पहले बीजेपी को अपने नेताओं की पुरानी बयानबाजी पर भी गौर करना चाहिए।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर अतीत में दिए गए बयानों का हवाला देते हुए बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। राकेश सिन्हा के मुताबिक, वर्ष2014 के बाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लेकर लगातार टिप्पणियां की जाती रही हैं।
उन्होंने नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के बैंक की कतार में लगने के मुद्दे का भी जिक्र किया। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक रणनीति से पार्टी की राजनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला।
बयानबाजी की मर्यादा पर उठे सवाल
फिलहाल प्रधानमंत्री के पिता को लेकर दिए गए बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक ओर बीजेपी कांग्रेस भवन के घेराव के जरिए विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर कांग्रेस पुराने बयानों का हवाला देकर बीजेपी को घेर रही है।
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी की मर्यादा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक मतभेदों के बीच नेताओं और उनके परिवारों को लेकर टिप्पणी करने से बचने की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों की नहीं है?
अब देखना होगा कि रांची में बीजेपी का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन क्या राजनीतिक रूप लेता है और कांग्रेस इस चुनौती का किस तरह जवाब देती है।
रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
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