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झारखंड में 15 साल पुराने सरकारी वाहनों की होगी स्क्रैपिंग, परिवहन सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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Deepak Kumarलेखक

रांची: झारखंड में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके पुराने सरकारी वाहनों के व्यवस्थित निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी। इसको लेकर परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन, रांची स्थित प्रथम तल सभागार में राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया गया।

परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि राज्य में सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग एवं निस्तारण की प्रक्रिया भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना जरूरी है।

दुर्घटनाग्रस्त और अनुपयोगी वाहनों का होगा निस्तारण
सचिव ने कहा कि इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण यह निर्धारित करना है कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाना है। विशेष रूप से पुलिस थानों में दुर्घटनाग्रस्त और लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों के अलावा अन्य विभागों के ऐसे सरकारी वाहन, जो मरम्मत योग्य नहीं हैं या जिनका इस्तेमाल व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, उनका निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण किया जाएगा।

सरकारी राजस्व बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और सरकारी राजस्व बढ़ाने से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन स्क्रैपिंग से संबंधित वित्तीय एवं राजस्व संबंधी प्रावधानों का लाभ संबंधित विभागों को मिलेगा। वहीं, स्क्रैपिंग के बाद परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि सरकारी राजकोष में जमा होगी।

MSTC और GeM पोर्टल से होगी प्रक्रिया
बैठक में MSTC एवं RVSF के प्रतिनिधियों ने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी दी। अधिकारियों को MSTC एवं GeM पोर्टल पर पंजीकरण, संबंधित वाहनों का विवरण अपलोड करने, नीलामी की प्रक्रिया और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के माध्यम से वाहनों के निस्तारण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्क्रैपिंग के लिए आवश्यक दस्तावेजों, विभागीय जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रियाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

विभागीय अधिकारियों को समय पर कार्रवाई के निर्देश
परिवहन सचिव ने सभी विभागों के नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से समझें और अपने-अपने विभागों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के किसी भी चरण में तकनीकी समस्या या संदेह होने पर परिवहन विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। बैठक में विभिन्न विभागों के नामित नोडल पदाधिकारियों के अलावा MSTC, GeM और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस पहल से राज्य में पुराने एवं अनुपयोगी सरकारी वाहनों के पारदर्शी निस्तारण के साथ सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और सुशासन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट

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