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झारखंड की बेटी डॉ. मेघा रानी को मिला ‘हिंदी गौरव सम्मान–2026’, विज्ञान भवन में बढ़ाया राज्य का मान

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Deepak Kumarलेखक

नई दिल्ली/रांचीः झारखंड की साहित्यिक प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हिंदी साहित्यकार एवं विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. मेघा रानी को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिष्ठित ‘हिंदी गौरव सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुति और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

विश्व हिंदी परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन’ था। इसमें देश-विदेश के प्रख्यात साहित्यकारों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और हिंदी भाषा के विद्वानों ने भाग लिया।

सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. मेघा रानी ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उनके शोध की गंभीरता, विषय की प्रासंगिकता, अकादमिक दृष्टिकोण और प्रभावशाली प्रस्तुति को उपस्थित विद्वानों एवं प्रतिनिधियों ने सराहा। उनके साहित्यिक योगदान और शोध कार्यों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2026 के ‘हिंदी गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया।

झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
डॉ. मेघा रानी की यह उपलब्धि झारखंड की साहित्यिक प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता का राष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण परिचय है। अपनी मेहनत, लगन और साहित्य के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उनका सम्मान राज्य की युवा पीढ़ी, विशेषकर महिला साहित्यकारों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

अनिल अमिताभ पन्ना ने दी बधाई
डॉ. मेघा रानी की इस उपलब्धि पर सोशल एक्टिविस्ट एवं ट्राइबल लीडर अनिल अमिताभ पन्ना ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान भवन, नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की बेटी का सम्मानित होना पूरे राज्य के लिए गर्व और सम्मान की बात है।

पन्ना ने कहा कि डॉ. मेघा रानी ने अपनी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट शोध के माध्यम से झारखंड का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि से राज्य की नई पीढ़ी को शिक्षा, शोध, साहित्य और रचनात्मक कार्यों के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ ज्ञान, कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में भी समृद्ध है। राज्य की ऐसी प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की पहचान को और मजबूत कर सकें। डॉ. मेघा रानी को मिला ‘हिंदी गौरव सम्मान–2026’ निश्चित रूप से झारखंड के साहित्यिक जगत के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

संदीप यादव की रिपोर्ट

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