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झारखंड के दारोगा के सर्टिफिकेट पर बिहार में 32 साल तक करता रहा सरकारी नौकरी, बांका में फर्जी शिक्षक बर्खास्त, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
बांका : झारखंड में तैनात एक पुलिस सब इंस्पेक्टर के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर बिहार में 32 साल तक सरकारी शिक्षक की नौकरी करने का मामला सामने आया है. फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है.
मामला बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत प्रोन्नत मध्य विद्यालय नगरी जानुकित्ता से जुड़ा है. यहां सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत मनोज कुमार पर अपने हमनाम पुलिस सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार के प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल करने का आरोप था.
मामले की शुरुआत तब हुई जब रांची में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात मनोज कुमार ने 2 अक्टूबर 2023 को देवघर के मोहनपुर थाने में जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि बांका में शिक्षक के पद पर कार्यरत व्यक्ति उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर नौकरी कर रहा है.
पुलिस ने जांच के दौरान 15 जनवरी 2025 को जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जानकारी दी. इसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों व्यक्तियों से शैक्षणिक और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे. शिक्षक ने 24 फरवरी 2026 को अपने कागजात जमा किए, जबकि पुलिस सब इंस्पेक्टर ने 15 अप्रैल 2026 को मूल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए.
जांच में सामने आया कि शिक्षक ने मैट्रिक और इंटर के डुप्लीकेट प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, लेकिन वर्ष 1994 की बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दे सके.
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत शिक्षक को बर्खास्त कर दिया.
इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 32 वर्षों तक सरकारी नौकरी कैसे करता रहा.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
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