अब गुरुजी को बैठने के लिए नहीं मिलेगी कुर्सी
केके पाठक के निर्देश पर शिक्षा विभाग का नया आदेश..
PATNA : अब बिहार के सरकारी स्कूलों के क्लास रूम में गुरुजी के लिए कुर्सी नहीं लगेगी बल्कि उन्हें खड़ा होकर पढाना होगा..ऐसा आदेश बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने निकाला है..और प्रचार्य से क्लासरूम की कुर्सी बाहर करने का निर्देश जारी किया है.ऐसा नहीं करने वाले प्रचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बेगूसराय में लेटर जारी
आदेश से संबंधित एक कॉपी कशिश न्यूज को मिली है.यह बेगूसराय जिला के चेरिया बरियारपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का है.उन्हौने उच्च माध्यमिक विद्यालय चेरिया बरियारपुर के प्रचार्य को लिखा है जिसमें कहा गया है कि निरीक्षण के क्रम में आपके शिक्षक क्लास रूम में कुर्सी पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए पाए गए हैं.ऐसे में ये आदेश दिया जाता है कि सभी क्लासरूम से कुर्सी हटा ली जाय..और ये निगरानी रखी जाय कि शिक्षक खड़े होकर पढाये और क्लास के समय मोबाइल का प्रयोग न करे.
ये भी पढ़ें : अभी-अभी : चमोली में हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से कई लोगों की मौत, 14 लोग बुरी तरह झुलसे
कड़क IAS ऑफिसर हैं केके पाठक
बताते चले कि कड़क आईइएस माने जाने वाले केके पाठक के अपर मुख्य शिक्षा विभाग का पदभार लेने के बाद नए-ऩए आदेश निकाले जा रहे हैं और उस आदेश का पालन कराने के लिए अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है.1 जुलाई से लगातार स्कूलों का निरीक्षण हो रहा है.वहीं अब ऑनलाइन के जरिए शिक्षकों की हाजिरी लगाई जा रही है.आने वाले दिनों में छात्र-छात्राओं की भी हाजिरी भी ऑनलाइन लगाई जाएगी.शिक्षकों को क्लासरूम में पढाने के समय सोसल मीडिया और मोबाइल से दूर रहने को लिए कहा गया है..और इन आदेश का उल्लंघन करने वालों के कई शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
ये भी पढ़ें :"CM नीतीश के खिलाफ हो रहा दुष्प्रचार" : ललन सिंह ने भर दी हुंकार, कहा : PM हताश, अब "INDIA" के लिए मांगें वोट
आन्दोलन करने वाले शिक्षकों पर हो रही है कार्रवाई
गौरतलब है कि पटना में 11 जुलाई को आन्दोलन में शामिल होनेवाले शिक्षकों को भी चिन्हित करके कार्रवाई की जा रही है.... शिक्षा विभाग ने 100 से ज्यादा शिक्षकों को चिन्हित कर स्पष्टीकरण मांगते हुए निलंबन की कार्रवाई शुरू की है. इससे शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है वहीं शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार से सवाल पूछा है.
बताते चलें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने मई माह में ही शिक्षक नियुक्ति के खिलाफ किसी भी धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन करने को लेकर आदेश जारी किया था और किसी भी शिक्षक के इसमें शामिल होने पर कार्रवाई की बात कही थी अब उसी आदेश का हवाला देते हुए 11 जुलाई को पटना में हुए आंदोलन में शामिल शिक्षकों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई शुरू की गई है और इस कड़ी में करीब 100 से ज्यादा शिक्षकों को चिन्हित करके निलंबन की कार्रवाई की जा रही है.
ये भी पढ़ें :बड़ी कार्रवाई : NIA और बिहार ATS ने मोहम्मद याकूब उर्फ सुल्तान को किया गिरफ्तार
शिक्षक संघ नाराज
इससे नाराज माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार वार्ता की बात कह रही है, दूसरी तरफ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।ये तुगलकी फरमान नहीं चलेगा. शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि Cm नीतीश कुमार, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी को बताना चाहिए कि क्या बिना उनकी इजाजत के नौकरशाह इस तरह का आदेश निकाल रहे? अगर बिना अनुमति यह आदेश निकाला जा रहा है तो सरकार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है और अगर इसमें सरकार की सहमति है तो फिर यह लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने जैसा है और यह शिक्षक संघ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर यह तुगलकी फरमान वापस नहीं लिए गए तो संघ फिर से उग्र आंदोलन करेगा.
इस ख़बर को शेयर करें
अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।