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गर्मी से पहले पूरी होंगी पेयजलापूर्ति योजनाएं, प्रधान सचिव ने एजेंसियों को दिया अल्टीमेटम

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Deepak Kumarलेखक

पाइप बिछाने के बाद सड़क पुनर्निर्माण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई,खराब काम करने वाली एजेंसियों से वसूली जाएगी राशि
रांची: आगामी गर्मी में राज्य के शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने राज्य के विभिन्न निकायों में चल रही सभी मदों की पेयजलापूर्ति योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों का पुनर्निर्माण (रोड रिस्टोरेशन) गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी से राशि की वसूली के साथ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रधान सचिव ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में राज्य संपोषित, बाह्य सहायतित और अमृत योजना के तहत संचालित पेयजलापूर्ति परियोजनाओं की निकायवार समीक्षा की गई।

धनबाद,रांची और दुमका की योजनाओं की हुई समीक्षा
राज्य संपोषित योजनाओं की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से धनबाद पेयजलापूर्ति योजना फेज-2, मधुपुर, मझिआंव, राजमहल, वासुकीनाथ, कोडरमा, रांची फेज-2बी और दुमका पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। प्रधान सचिव ने संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाकर योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के ठीक ढंग से पुनर्निर्माण नहीं किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एजेंसियों को गुणवत्तापूर्ण रोड रिस्टोरेशन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान यथासंभव सड़कों की कटाई से बचने का निर्देश दिया।

अन्य विभागों के समन्वय से दूर होंगी बाधाएं
प्रधान सचिव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर किया जाए। उन्होंने तकनीकी सेल और जुडको को भी एजेंसियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा तकनीकी कार्यों की जुडको को दोबारा समीक्षा करने को कहा। उन्होंने इंटेक वेल, जलशोधन संयंत्रों के निर्माण और घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि आगामी गर्मी तक लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

एडीबी और विश्व बैंक की योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक की सहायता से संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई। एडीबी की सहायता से चल रही रांची पेयजलापूर्ति योजना फेज-2ए, हुसैनाबाद, रांची फेज-2सी, मेदिनीनगर और झुमरीतिलैया की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। वहीं, विश्व बैंक की सहायता से कपाली, गुमला और लोहरदगा में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं के कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।

अमृत योजना की परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
अमृत योजना के तहत रामगढ़, सिमडेगा, बड़की सरैया, जामताड़ा, महागामा, धनबाद फेज-1, आदित्यपुर, चास, हजारीबाग, रांची फेज-1, डोमचांच, गढ़वा हाउस सर्विस कनेक्शन, धनवार, छतरपुर, श्री बंशीधर नगर और रेहला-विश्रामपुर में चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

प्रधान सचिव ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी से पहले पेयजलापूर्ति योजनाओं को पूरा करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि शहरी क्षेत्रों के लोगों को समय पर पेयजल की सुविधा मिल सके।

रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट

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