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गांधी मैदान में 90 फीट के रावण का होगा दहन, 71 साल पुरानी परंपरा रहेगी कायम

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Deepak Kumarलेखक

पटनाः राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 20 अक्टूबर को यहां 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार, रावण का यह पुतला देश के दूसरे सबसे ऊंचे पुतलों में शामिल होगा। पटना में दशहरा आयोजन की 71 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दशहरा कमिटी ट्रस्ट इस बार भी कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।

गांधी मैदान में हर साल रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, प्रवेश, बैठने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

90फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला,आगरा की टीम कर रही तैयार

इस बार गांधी मैदान में रावण का पुतला90 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी आगरा से आई टीम को दी गई है। विशाल पुतले के निर्माण में कारीगर जुटे हुए हैं। आयोजकों का दावा है कि ऊंचाई के लिहाज से यह देश का दूसरा सबसे बड़ा रावण का पुतला होगा।

रावण दहन दशहरा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। विजयादशमी के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को देखने के लिए पटना शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

71वर्षों से दशहरा कमिटी ट्रस्ट कर रहा आयोजन

पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव की परंपरा सात दशक से भी अधिक पुरानी है। दशहरा कमिटी ट्रस्ट पिछले71 वर्षों से इस आयोजन को आयोजित करता आ रहा है। समय के साथ यह कार्यक्रम राजधानी के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो गया है।

हर वर्ष गांधी मैदान में रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, परिवार और बच्चे जुटते हैं। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपरा को बनाए रखने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और विजयादशमी के महत्व से परिचित कराना भी है।

हिंदू-मुस्लिम मिलकर दे रहे सामाजिक सद्भाव का संदेश

गांधी मैदान में होने वाले इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारा है। आयोजन की तैयारियों में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर भागीदारी कर रहे हैं। यह सहभागिता समाज में एकता, सहयोग और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देती है।

दशहरा जैसे सार्वजनिक आयोजन विभिन्न समुदायों के लोगों को एक साथ आने और सांस्कृतिक परंपराओं में भागीदारी का अवसर प्रदान करते हैं। पटना का यह आयोजन इसी साझा विरासत और सामाजिक एकजुटता को दर्शाता है।

आधे घंटे तक होगी इको-फ्रेंडली आतिशबाजी

रावण दहन के बाद दर्शकों के मनोरंजन के लिए करीब आधे घंटे तक इको-फ्रेंडली आतिशबाजी का कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। आतिशबाजी दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी।

आयोजन को आकर्षक बनाने के साथ पर्यावरण संबंधी सावधानियों पर भी ध्यान देने की बात कही गई है। हालांकि, आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसके पर्यावरणीय मानकों से जुड़ी विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

महिलाओं के लिए अलग दीर्घा, 12प्रवेश द्वारों पर रहेगी निगरानी

गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। महिलाओं के लिए अलग दीर्घा बनाई जाएगी, ताकि वे सुविधाजनक तरीके से कार्यक्रम देख सकें।

मैदान के12 प्रवेश द्वारों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रवेश द्वारों पर निगरानी और भीड़ के व्यवस्थित आवागमन पर ध्यान दिया जाएगा। आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

दर्शकों से भी अपील की गई है कि वे निर्धारित प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल करें, भीड़ में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन तथा आयोजन समिति के निर्देशों का पालन करें।

बच्चों की जेब में नाम-पता और मोबाइल नंबर की पर्ची रखने की अपील

दशहरा महोत्सव में बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आयोजन से जुड़ी अपील के अनुसार, छोटे बच्चों की जेब में उनके नाम, घर का पता और अभिभावक का मोबाइल नंबर लिखी पर्ची रखनी चाहिए।

गांधी मैदान में भारी भीड़ के दौरान बच्चे के परिवार से बिछड़ने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पहचान संबंधी जानकारी होने से बच्चे को उसके परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। अभिभावकों को बच्चों पर लगातार नजर रखने और उन्हें अकेला नहीं छोड़ने की सलाह भी दी जाती है।

परंपरा,आस्था और सामाजिक एकता का संगम बनेगा दशहरा महोत्सव

20 अक्टूबर को गांधी मैदान में होने वाला रावण दहन पटना की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला आयोजन होगा।90 फीट ऊंचे रावण के पुतले, आधे घंटे की प्रस्तावित इको-फ्रेंडली आतिशबाजी, महिलाओं के लिए अलग दीर्घा और सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी है।

दशहरा कमिटी ट्रस्ट के 71 वर्षों से चले आ रहे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश भी प्रमुख रहेगा। अब लोगों की नजरें 20 अक्टूबर को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम पर टिकी हैं।

पटना से अंकिता की रिपोर्ट

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