Live

BIHAR NEWS

कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर चिराग पासवान का हमला, बोले- 1984 सिख नरसंहार की तारीख पर आयोजन शर्मनाक, पीड़ित परिवारों के जख्म हरे होंगे

M
MADAN KISHORE JHAलेखक

पटना : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को कम से कम उस दिन के ऐतिहासिक महत्व का ध्यान रखना चाहिए था. यह महज संयोग है या जानबूझकर ऐसा किया गया है, यह समझ से परे है.


शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि जिस तारीख को कांग्रेस ने अपनी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है, उसी दिन वर्ष 1984 में दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था. इस घटना में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और कई परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया था.


पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा आयोजन


चिराग ने कहा कि पंजाब में चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस इस दिन रैली आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है. इससे उन परिवारों की भावनाएं आहत हो सकती हैं, जिन्होंने 1984 के सिख नरसंहार में अपने करीबियों को खोया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तारीख के चयन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था.


नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया


अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'अर्बन नक्सल' संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि देश में बंटवारे की सोच को बढ़ावा देना और मौजूदा व्यवस्था को बलपूर्वक बदलकर सत्ता हासिल करने की मानसिकता ही उनके अनुसार दिमागी नक्सलवाद है.


उन्होंने पाकिस्तान में सेना के दुरुपयोग से सत्ता परिवर्तन की घटनाओं का भी उल्लेख किया. चिराग ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलाव संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए.


दुलारचंद हत्याकांड पर टिप्पणी से किया इनकार


दुलारचंद यादव हत्याकांड के सवाल पर चिराग पासवान ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. इस तरह उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मामले में संयम बरता.


पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-

इस ख़बर को शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार तक यह ख़बर पहुँचाएँ।

पूरी वेबसाइट पर पढ़ें और ख़बरें