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CM सम्राट ने किया बड़ा ऐलान

1 अक्टूबर से विक्रमशिला पुल पर बने बेली ब्रिज रास्ता बंद कर तेज होगा मरम्मत का काम

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MADAN KISHORE JHAलेखक

भागलपुर : बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि एक अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटा दिया जाएगा. इसके बाद आम लोगों के आवागमन पर पाबंदी रहेगी ताकि पुल के स्थायी पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा सके यानी जिस बेली ब्रिज ने पिछले कई महीनों से भागलपुर और नवगछिया समेत उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच आवाजाही को संभाल रखा था, अब वही रास्ता बंद होने वाला है.

दरअसल 3 मई 2026 की मध्यरात्रि में विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के आसपास पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक घटना की सूचना 3 मई की रात मिली थी. प्रशासन की तत्परता के कारण हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और भागलपुर से नवगछिया कोसी तथा सीमांचल की कनेक्टिविटी पर बड़ा असर पड़ा. इसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी BRO को क्षतिग्रस्त हिस्से पर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई. मई महीने में युद्धस्तर पर इसका निर्माण शुरू हुआ. स्टील के स्ट्रक्चर और गर्डर की लॉन्चिंग का काम तेजी से किया गया. क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ-साथ पुल के अन्य कमजोर हिस्सों को ध्यान में रखते हुए भी बेली ब्रिज की व्यवस्था तैयार की गई. करीब एक महीने के भीतर BRO बेली ब्रिज तैयार कर दिया. 7 जून 2026 से छोटे वाहनों के लिए इस वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ.

शुरुआती व्यवस्था में वाहनों के वजन को लेकर भी सीमा निर्धारित की गई थी. इससे लंबे समय से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली और भागलपुर-नवगछिया के बीच संपर्क फिर से बहाल हुआ. लेकिन अब यह अस्थायी व्यवस्था भी समाप्त होने वाली है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाकर विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम तेज किया जाएगा. बेली ब्रिज हटने के बाद पुल पर सामान्य आवागमन बंद रहेगा. इस दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ जरूरी सुपर स्ट्रक्चर, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़े काम किए जाने हैं. सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि एक अक्टूबर के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच लाखों लोगों की आवाजाही कैसे होगी? बेली ब्रिज बंद होने के साथ ही लोगों को वैकल्पिक मार्ग और जल परिवहन की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ सकता है. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि त्योहारों और बढ़ते आवागमन के बीच लोगों को सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए.

भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट--

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