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'देश तोड़ने की बात' पर राज्यसभा में घमासान

मल्लिकार्जुन खरगे और पीयूष गोयल में तीखी बहस, जानें क्या है माजरा

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ASHISH KUMARलेखक

DESK : राज्यसभा में शुक्रवार की कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस के एक सांसद की ओर से कथित तौर पर दक्षिणी राज्यों के लिए 'एक अलग राष्ट्र' की मांग उठाए जाने के मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ। दरअसल सत्ताधारी पक्ष की ओर से पियूष गोयल ने इस बयान को देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता पर हमला करार देते हुए कांग्रेस से स्पष्टीकरण और माफी की मांग की। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अगर कोई भी देश को तोड़ने की बात करेगा तो कांग्रेस पार्टी उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। हालांकि इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।


गौरतलब है कि सभापति जगदीप धनखड़ ने उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और उसके बाद पियूष गोयल को बोलने का मौका दिया। गोयल ने कहा कि प्रमुख विपक्षी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और कांग्रेस शासित राज्य के एक उपमुख्यमंत्री के भाई ने बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक वक्तव्य दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वाला कांग्रेस का सांसद भी है।


विभाजनकारी सोच स्वीकार नहीं ...

पियूष गोयल ने आगे कहा कि यह कांग्रेस की विभाजनकारी सोच को दर्शाता है। कांग्रेस पर समय-समय पर देश को बांटने का आरोप लगाते हुए गोयल ने कहा कि ताजा प्रकरण इसका यह एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब हम सदन के सदस्य बनते हैं तब देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने की शपथ लेते हैं और संविधान के अनुपालन की शपथ लेते हैं। उन्होंने कहा, ''यह देश के संविधान का अपमान है। देश की एकता और अखंडता पर यह हमला है। उन्होंने कहा, ''इस विभाजनकारी सोच को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।


अगर ऐसा है तो 'एक्सपोज' करें सत्तापक्ष

वहीं सदन में इसका जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि जिस सांसद के बयान की बात की जा रही है वह दूसरे सदन (लोकसभा) का सदस्य है, लिहाजा इसकी चर्चा उच्च सदन में नहीं की जा सकती। सभापति धनखड़ ने खरगे की इस बात को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी इस प्रकार की व्यवस्था दी है कि सदन में ऐसे मामलों पर चर्चा की जा सकती है। इस पर खरगे ने कहा कि अगर सदस्य ने ऐसा कुछ कहा है तो उसका वीडियो लाकर उसे निचले सदन में सत्तापक्ष की ओर से 'एक्सपोज' किया जा सकता है। सभापति ने इस पर टोकते हुए कहा कि सभी ने संविधान के अंतर्गत शपथ ली है और सांसद ने जो बयान दिया है, वह उनके हिसाब से बहुत गंभीर, अप्रत्याशित और संविधान की भावना के खिलाफ है। खरगे ने कहा कि सदन चाहे तो इस मामले को विशेषाधिकार हनन समिति को भेजे और उस पर कार्रवाई की जाए।

जानें क्या है माजरा ...

बता दें कि कांग्रेस सांसद डी के सुरेश ने गुरुवार को कथित तौर पर कहा कि अगर विभिन्न करों से एकत्रित धनराशि के वितरण के मामले में दक्षिणी राज्यों के साथ हो रहे अन्याय को दूर नहीं किया गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग राष्ट्र की मांग करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

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